गांव बनावाली सोतर में गुरुद्वारा कमेटी को कब्जा दिलवाने गई पुलिस टीम पर रविवार को विरोधी पक्ष ने हमला कर दिया। हमले में हांसपुर चौकी में तैनात दो एएसआई को चोटें आई हैं। पुलिस के अनुसार दर्जनों हमलावरों ने उनकी पिस्तौल छीनने की भी कोशिश की। घटना के बाद पुलिस ने महिला सहित 8 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। लालचंद, कृष्ण पुत्र कीवाराम, सुरजीत सिंह, राकेश पुत्र लालचंद, अशोक कुमार पुत्र कृष्ण चंद, अमरोबाई पत्नी लालचंद, भिरावाबाई पुत्री लालचंद और कृष्णा बाई पत्नी कृष्ण निवासी बनावाली सोतर के खिलाफ मामला दर्ज किया है। जिनमें से सदर पुलिस ने लालचंद व हरीकृष्ण को गिरफ्तार कर लिया है।
क्या है मामला
पुलिस के अनुसार गुरुद्वारा कमेटी ने गांव के ही लालचंद से 14 मरले जमीन 8 लाख 40 हजार रुपये में खरीदी। 27 मई को गुरुद्वारा कमेटी को जमीन दी जानी थी। जमीन लाल डोरे मे आती है जिसकी रजिस्ट्री नहीं होती। आरोप है कि लालचंद ने पैसे तो ले लिए जमीन देने से मुकर गया। गुरुद्वारा कमेटी ने इसकी शिकायत हांसपुर चौकी में दी। शिकायत मिलने के बाद चौकी इंचार्ज एएसआई पूर्ण चंद्र व जगीर सिंह मौके पर गए तो लालचंद और कृष्ण चंद के परिजनों ने हमला कर दिया। यही नहीं उन्होंने उनकी बंदूक भी छीनने की कोशिश की। घटना के बाद गांव में हड़कंप मच गया। पुलिस ने मौके से लालचंद व हरी कृष्ण को गिरफ्तार कर लिया है।
चौकी इंचार्ज पूर्ण चंद और जगीर सिंह गुरुद्वारे द्वारा खरीदी गई जमीन का कब्जा दिलवाने के लिए गए थे वहां पर मौजूद लोगों ने हमला कर दिया और बंदूक भी छीनने का प्रयास किया। दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
बलविंद्र सिंह, जांच अधिकारी।
पुलिस शिकायत मिलने पर कार्रवाई के लिए मौके पर जाती है। पुलिस अपना काम कर रही होती है लेकिन कुछ लोग दबाव बनाने की कोशिश करते हैं और कानून को अपने हाथ लेना चाहते हैं। जो किसी हालत में बर्दाश्त नहीं होगा।
गंगाराम पूनिया, एएसपी फतेहाबाद
पिछले 10 दिन पुलिस पर पड़े भारी
पहला केस:
सरपंच व महिला थाना एसएचओ भिड़े-
21 मई को गांव भिरड़ाना में लड़की के साथ छेड़छाड़ का मामला सामने आने के बाद महिला थाना एसएचओ पुष्पा सिहाग ने पीड़ित लड़की की मां की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया था। उसी दिन शाम को गांव भिरड़ाना सरपंच सुभाष चंद्र समझौते के लिए मौजिज लोगों के साथ महिला थाना में पहुंचे तो एसएचओ ने सुभाष चंद्र को थाने से बाहर जाने की धमकी दे दी। जिसके बाद तनाव बढ़ गया और एसएचओ और सरपंच आमने-सामने हो गए थे। इस मामले में शहर थाने में भिरड़ाना सरपंच के खिलाफ ड्यूटी में बाधा पहुंचाने का मामला भी दर्ज किया गया।
दूसरा केस:
फर्जी वोटिंग के विरोध को लेकर टकराव-
नगरपरिषद चुनाव के दिन वार्ड नंबर 18 की बूथ मार्केट कमेटी में समर्थकों ने एक उम्मीदवार को फर्जी वोट डालते हुए पकड़ लिया और पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची लेकिन बाद में आरोपी युवक को छोड़ दिया। जिसका उम्मीदवार के भाई महेश नागपाल व रितेश नागपाल ने विरोध किया। इसके बाद पुलिस ने महेश नागपाल व रितेश नागपाल को सीआईए में ले जाकर बुरी तरह से पीटा और उन पर ड्यूटी में बाधा पहुंचाने व मारपीट का मामला दर्ज कर दिया। जिसका पूरे फतेहाबाद शहर में आज भी विरोध हो रहा है। इस मामले में एसपी को भरी पंचायत में आकर माफी मांगनी पड़ी थी और तत्कालीन सिटी एसएचओ और सीआईए प्रभारी को निलंबित भी कर दिया गया।
तीसरा केस:
रात को घूम रहे युवकों को टोका तो एएसआई का फोड़ा सिर-
रतिया चुंगी पर चार दिन पूर्व एएसआई महाबीर पर जीजा-साले ने हमला कर दिया और सिर फोड़ दिया। एएसआई महाबीर ने रात को रतिया चुंगी पर घूम रहे युवकों को घर जाने के लिए कहा था। जिसके दो दिन बाद गश्त कर रहे एएसआई पर जीजा-साले ने टोकने के विरोध में हमला कर दिया। इस मामले में भी जीजा-साले के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। एएसआई अभी तक अस्पताल में उपचाराधीन है।
चौथा केस:
गुरुद्वारे को कब्जा दिलवाने गई टीम पर किया हमला:
रविवार शाम को गांव बनावाली सोतर में गुरूद्वारे को कब्जा दिलवाने गए हासंपुर चौकी इंचार्ज पूर्ण चंद्र व जगीर सिंह पर सामने वाली पार्टी ने हमला कर दिया। इस मामले में 8 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।