फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लूटपाट की फर्जी वारदात बता, कंपनी के पैसे हड़पने में शामिल एक और आरोपी काबू

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

फतेहाबाद। करीब एक माह पूर्व गांव भड़ोलांवाली के पास लूटपाट की मनगढ़ंत कहानी गढ़ने वाले उज्जीवन फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी के साले को सदर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इस मामले में कर्मचारी का साला भी शामिल था। पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया, जहां अदालत ने उसे दो दिन के रमिांड पर पुलिस के हवाले कर दिया।
विज्ञापन

जांच अधिकारी हांसुपर चौकी प्रभारी सुरेंद्र सांगवान ने बताया कि उज्जीवन फाइनेंस बैंक ग्रामीण इलाकों में महिलाओं के स्वयंसेवी समूहों को लोन देता है और लोन की राशि एकत्रित करने का जिम्मा कंपनी ने जोगिंद्र को दिया हुआ था। 22 अक्तूबर 2018 की दोपहर बाद गांव आलूपुर से जोगिंद्र लोन की किस्तों के एकत्रित किए हुए 2 लाख 1 हजार रुपये लेकर फतेहाबाद की ओर चला था। बाद में उसने शोर मचा दिया कि गांव भड़ोलावाली के पास उसे कुछ बदमाशों ने लूट लिया जबकि उसने खुद अपने साढ़ूू को पैसे देकर भेज दिया था। पुलिस को शुरू से ही फाइनेंस बैंक के कर्मचारी जोगिंद्र की कहानी फरेब लग रही थी, जिसके बाद पुलिस ने सख्ती से जब जोगिंद्र से पूछताछ की तो उसने सारा सच उगल दिया। इसके बाद पुलिस ने रतिया जाकर उसके साढू़ मनोज कुमार के घर से एक लाख 90 हजार रुपये की राशि भी बरामद कर ली थी। उन्होंने बताया कि इस पूरे प्रकरण में जोगिन्द्र, उसका साढ़ूू मनोज तथा साला सुनील निवासी कैथल शामिल थे। जोगिन्द्र ने रुपयों से भरा बैग पहले मनोज को दिया और मनोज ने इसे सुनील को देकर रतिया उसके घर देकर आने को कहा था। इस मामले में जोगिन्द्र व मनोज को पहले ही काबू किया जा चुका है और अब सुनील को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने मनोज उसे रविवार को अदालत में पेश करके दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें