फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फतेहाबाद: दसवीं की छात्रा का अपहरण कर दुष्कर्म के दोषी को 20 साल कैद, जुर्माना भी लगाया

Sat, 28 May 2022 10:57 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद (हरियाणा)

सार

दुष्कर्म के बाद पीड़िता को डबल बेड के बॉक्स में बंद कर दिया गया था। इसके बाद अगले दिन उसको छोड़ा गया। इस मामले में पुलिस ने सोनू सहित 4 लोगों को आरोपी बनाया था।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हरियाणा के फतेहाबाद जिले के रतिया क्षेत्र में कक्षा दसवीं की छात्रा का अपहरण व उससे दुष्कर्म करने के दोषी को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं फास्ट ट्रैक कोर्ट के जज बलवंत सिंह की अदालत ने 20 साल की कैद व 7500 रुपये की सजा सुनाई है। बड़ी बात यह रही कि इस छात्रा को दोषी ने अपने घर में ही हाथ पांव बांधकर डबल बेड के बॉक्स में बंद कर दिया था और अगले दिन उसके परिजनों ने उसे छुड़वाया। 

विज्ञापन


रतिया क्षेत्र के एक गांव निवासी पीड़िता ने पुलिस को दिए अपने बयान में बताया था कि वह कक्षा दसवीं की छात्रा है और स्कूल से घर आने के बाद 3 जुलाई 2019 की दोपहर वह अपने घर से प्लॉट में भैंस को पानी पिलाने के लिए गई थी। जब वह लौट रही थी तो गली में दोषी सोनू ने उसका हाथ पकड़ लिया और अपने घर ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया।

उसके बाद हाथ पांव बांधकर उसे डबल बेड के बॉक्स में बंद कर दिया। जब शाम को दोषी के परिवार वाले घर आए तो उसने सारी बात उन्हें बताई। इस पर दोषी सोनू के पिता ने कहा कि लड़की गुम होने के बारे में गांव में हंगामा है। इस पर परिवार वालों ने अपने रिश्तेदारों को गांव बुलाया और उनसे कहा कि वह इसका कोई समाधान निकाले। सब ने कहा कि लड़की को बाहर छोड़ देते हैं या उसे मार देते हैं, लेकिन दोषी की दादी ने कहा कि इसे मारो मत, इसे गांव के बाहर छोड़ आओ। 
विज्ञापन


पीड़िता ने पुलिस को बताया कि वह यह सब बातें डबल बेड के बॉक्स में पड़ी सुन रही थी। बाद में उक्त लोगों ने उसे डबल बेड से बाहर निकालकर बैठा दिया। अगले दिन उसको उसके घर जाने दिया। उन्होंने उसे धमकी दी कि अगर इस बारे में किसी को बताया तो जान से मार देंगे और अपने घर जाकर यही बताना है कि तू मंदिर गई थी।

लेकिन घर आकर उसने सारी आपबीती परिजनों को सुना दी। रतिया शहर थाना ने इस संबंध में पीड़िता की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ भादंसं की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया था। इस मामले में पुलिस ने सोनू सहित 4 लोगों को आरोपी बनाया था। बाद में जांच के बाद तीन अन्य आरोपियों को पुलिस ने संदेहजनक पाते हुए केस से निकाल दिया था। मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने सोनू को 20 साल की कैद व 7500 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें