हिसार जिले के गांव ढोबी के रहने वाले धर्मबीर ने कभी सपने में नहीं सोचा होगा कि प्रेम करने के लिए उसे इतनी भयानक सजा मिलेगी। सिरसा कोर्ट में 16 मार्च को हिसार के गांव मंगाली निवासी सुनीता से प्रेम विवाह रचाने के बाद से ही धर्मबीर के लिए मुश्किलें लगातार बढ़ती गई और आखिरकार उसे अपनी जान गवां कर ही इस प्रेम विवाह की कीमत चुकानी पड़ी। सिरसा कोर्ट में शादी करने के बाद हाईकोर्ट के निर्देश पर एसपी सिरसा के समक्ष धर्मबीर और सुनीता ने सुरक्षा की गुहार लगाई। इसके बाद एसपी सिरसा ने उन्हें पुलिस सेफ हाउस में भिजवा दिया। पुलिस सूत्रों की मानें तो एक बार सेफ हाउस के पास भी सुनीता के परिजनों की धर्मबीर से बहस हो गई थी। तकरीबन तीन दिन तक यहां रहने के बाद धर्मबीर और सुनीता एक बारगी तो धर्मबीर के गांव ढोबी चले गए लेकिन हर वक्त किसी अनहोनी का डर उन्हें यहां भी सताने लगा।
इसी अनहोनी की मार से बचने के लिए लगभग चार दिन पहले धर्मबीर अपनी पत्नी सुनीता को लेकर भट्टू के गांव ढिंगसरा में अपने मामा रायसिंह के घर आ गया। सब कुछ सही चल ही रहा था कि शुक्रवार दोपहर को अचानक गांव ढिंगसरा में उसके मामा के घर ही चार-पांच गाड़ियों में भरकर आए लोगों ने हमला बोल दिया और राय सिंह की पत्नी को पहले घायल किया। इसके बाद आरोपियों ने धर्मबीर को पकड़ने का प्रयास किया। रायसिंह की मानें तो सुनीता ने उन्हें रोकने का प्रयास किया तो आरोपियों ने सुनीता की पीठ पर भी बंदूक का बट मारा और फिर उसे और धर्मबीर को अपनी गाड़ी में बिठाकर जबरदस्ती ले गए ।
धर्मबीर ने पहले ही छह लोगों के खिलाफ जताई थी हत्या की आशंका
रविवार को फतेहाबाद पहुंचे मृतक धर्मबीर के परिजनों राकेश आदि ने बताया कि धर्मबीर को शादी के बाद से ही सब कुछ सही नहीं लग रहा था। उसे हमेशा ये आशंका रहती थी कि उसके ससुराल वाले उस पर हमला कर सकते हैं। रविवार को इसलिए धर्मबीर के परिजनों ने उसके ससुर सीताराम, सास शारदा देवी, सुनीता का चाचा राधेश्याम, सुनीता का भाई सुनील कुमार, दलबीर और रिश्ते में चाचा लगने वाले बलबीर के नाम सौंपे।
वर्जन
पुलिस कप्तान की ओर से मैं परिजनों से बात करने आया था। फिलहाल हमारी प्राथमिकता भादरा से मृतक धर्मबीर के शव को वापस लेकर आना है। इसके लिए परिजनों को मनाने आया था। परिवार ने कुछ नाम दिए हैं, एक बार पोस्टमार्टम हो जाए, इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
डीएसपी जगदीश काजला, फतेहाबाद ।