अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय कुमार जैन की अदालत ने पिछले साल जींद के कालवन निवासी भगवान सिंह की हत्या और शव को खुर्द बुर्द करने के मामले में आरोपी युवक वजीर को दोषी करार देते हुए उसे आजीवन कारावास व 70 हजार रुपये का जुर्माने की सजा सुनाई है।
मामले के अनुसार जींद के गांव कालवन निवासी सूबे सिंह के बेटे भगवान सिंह का शव गांव नंगल स्थित पिरथला नहर के पुल के पास मिला था। भगवान सिंह के शव पर चोटों के निशान थे जिसके चलते उसकी हत्या की आशंका जताई गई थी। इसके बाद सूबे सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि वह और उसका लड़का भगवान सिंह व संदीप कुमार टोहाना गर्ल्स स्कूल के पास रोहित सैनी की दुकान पर बैठे थे। इसी दौरान आरोपी वजीर सिंह बाइक पर आया और उसके बेटे भगवान सिंह को यह कहकर अपने साथ ले गया कि बापड़ में कुछ काम से जाना है, लेकिन इसके बाद उसका बेटा वापस नहीं आया। सूबे सिंह का आरोप था कि वजीर आदि के साथ उसके बेटे का कुछ समय पहले झगड़ा हुआ था और इसी के चलते वजीर ने उसके बेटे की पीट-पीटकर हत्या कर शव को नहर में फेंक दिया। टोहाना सदर पुलिस ने 9 अक्तूबर 2017 को वजीर सिंह उर्फ काला के खिलाफ धारा 302 व 201 के तहत केस दर्ज किया था।
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लापरवाही से वाहन चलाकर दुर्घटना करने के दोषी को भी छह माह की कैद
इसी तरह एक अन्य मामले में फतेहाबाद के न्यायिक दंडाधिकारी सुमित तुरकिया की अदालत ने तेज व लापरवाही से वाहन चलाकर दुर्घटना करने के आरोपी चालक को दोषी करार देकर 6 माह की कैद की सजा सुनाई है। जानकारी के अनुसार, भिरडाना निवासी ट्रक चालक सुखवंत सिंह के खिलाफ दुर्घटना में घायल अनिल कुमार के भाई बृजलाल की शिकायत पर 2 अगस्त 2015 को शहर पुलिस ने धारा 279, 337, 338 के तहत मामला दर्ज किया था। पुलिस को दी शिकायत में बृजलाल ने बताया कि वह और उसका भाई 2 अगस्त 2015 को बाइक पर बनमंदौरी जा रहे थे। फतेहाबाद के बाईपास पर नहर के पास ट्रक चालक ने उनको टक्कर मार दी। जिससे उसका भाई घायल हो गया।