फतेहाबाद। गांव ढाबीकलां निवासी जिम ट्रेनर अशोक पहलवान की हत्या के आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने मृतक का शव लेने से इनकार कर दिया है। परिजनों और ग्रामीणों ने आरोपियों का साथ देने का गंभीर आरोप लगाते हुए भट्टू पुलिस का विरोध भी किया। ग्रामीणों के तेवरों को देखते हुए जिला पुलिस प्रशासन ने अस्पताल परिसर और लघुसचिवालय परिसर में पुलिस बल की तैनाती कर दी। इस बीच जिले के तीन डीएसपी और खुद एसपी विजय प्रताप सिंह खुद अस्पताल में पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन सब विफल रहा। बाद में वीरवार शाम को ग्रामीणों व परिजनों ने पोस्टमार्टम करवा कर शव ले लिया और गांव में ले जाकर अंतिम संस्कार कर दिया।
इससे पूर्व अस्पताल परिसर में मृतक की भाभी कमला ने पुलिस अधिकारियों के समक्ष आरोप लगाया कि पुलिस शराब कारोबारियों की मदद करती है और अवैध हथियार तक भी पुलिस की मर्जी से ही सप्लाई होते हैं। कमला देवी ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस हत्या आरोपियों की मदद कर रही है और जानबूझकर आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं की जा रही। एकबारगी तो ग्रामीणों ने अस्पताल परिसर में ही धरना देने का एलान कर दिया, लेकिन बाद में कुछ लोगों के कहने पर ग्रामीण अस्पताल के पार्क में जा बैठे और वहीं पर अपनी रणनीति बनानी शुरू कर दी। हालांकि डीएसपी धर्मवीर पूनियां ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।
कहा, 24 घंटे बाद भी नहीं हुई आरोपियों की गिरफ्तारी
इस दौरान मृतक के भाई संदीप कुमार ने आरोप लगाया कि 24 घंटे बीत जाने के बाद भी पुलिस ने हत्या आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं की है जबकि पुलिस ने घटना के बाद हमें आश्वासन दिया था कि रात तक सभी आरोपी गिरफ्तार कर लिए जाएंगे लेकिन लंबा समय बीत चुका है और पुलिस शव का पोस्टमार्टम करवाकर मामले को ढीला छोड़ने की कोशिश में जुटी है। मृतक की भाभी और भाई का स्पष्ट तौर पर कहना है कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती हम शव नहीं लेंगे और न ही शव का पोस्टमार्टम करवाएंगे। अस्पताल में ग्रामीणों की पंचायत में पहुंचे एसपी विजय प्रताप सिंह ने ग्रामीणों से आह्वान किया था कि मृतक की मौत को दो दिन का समय हो चुका है, ऐसे में हिंदु रीति में उसका अंतिम संस्कार सबसे पहले जरूरी है और उन्होंने ग्रामीणों का आश्वस्त किया कि बहुत जल्दी आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा और चाहे वो कितनी भी दूर भाग लें, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।
आधे घंटे तक तीनों डीएसपी व एसएचओ के साथ बात करते रहे एसपी
सिविल अस्पताल में ग्रामीणों को समझाने के लिए पहुंचे एसपी विजय प्रताप सिंह ने ग्रामीणों की बात सुनने के बाद अस्पताल के पार्क में ही तीनों डीएसपी धर्मवीर पूनियां, दलजीत सिंह एवं सुभाष चंद्र के साथ इस मुद्दे पर बातचीत शुरू कर दी। इस दौरान सिटी, सदर, भट्टू एसएचओ व सीआईए प्रभारी भी उनके साथ खड़े रहे। पार्क के कोने में लगभग आधे घंटे तक बातचीत के बाद एसपी व तीनों डीएसपी अस्पताल के अंदर चले गए। इसके बाद ग्रामीणों को उन्होंने एक मैसेज भी भिजवाया जिसमें कहलवाया गया कि पुलिस प्रशासन पूरी गंभीरता के साथ इस मामले की छानबीन कर रहा है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
पहले दो बजे बिना शव लिए निकले ग्रामीण, फिर चार बजे आकर करवाया पोस्टमार्टम
पुलिस अधिकारियों व ढाबीकलां के ग्रामीणों के बीच जब वार्ता सिरे नहीं चढ़ी तो एक बारगी वीरवार दोपहर दो बजे के करीब सभी ग्रामीण बिना मृतक का शव लिए ही लौट गए। इसके बाद पुलिस प्रशासन ने एक बार और प्रयास किया। जिसके बाद मृतक अशोक के परिजन शव लेने के लिए मान गए। इसके बाद वीरवार सांय परिजन फतेहाबाद के सरकारी अस्पताल में पहुंचे और मृतक के शव का पोस्टमार्टम करवाकर शव अपने साथ ले गए।
ये है मामला
मालूम हो कि भट्टूकलां में फिटनेस फैक्टरी के नाम से जिम चलाने वाला अशोक निवासी ढाबीकलां कल दोपहर को अपने पिता सुभाष व साथी मनिन्द्र के साथ कार में सवार होकर फतेहाबाद की ओर आ रहा था। मृतक के पिता सुभाष ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि जब वह रामसरा रोड पर थे तो उसके बेटे अशोक के पास रामसरा निवासी पुष्कर उर्फ खली का फोन आया और उसके बेटे को रुकने के लिए कहा। अशोक ने अपनी कार रामसरा रोड पर खड़ी कर दी। आरोप है कि इसके बाद पुष्कर उर्फ खली तथा रामसरा निवासी विजयपाल उर्फ टाडा वहां आए और अशोक से कहने लगे कि उनके गांव में सत्यवान शराब बेचता है उसे रोक लो। अशोक ने मना किया तो आरोप है कि उक्त लोगों ने उसकी गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने दोनों आरोपियों पर हत्या का केस दर्ज किया था।