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पराली जलाने की रिपोर्ट बनाने गई टीम को किसानों ने बनाया बंधक

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अमर उजाला ब्यूरो
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रतिया(फतेहाबाद)।
गांव चिम्मो में धान की पराली जलाने पर रिपोर्ट बनाने पहुंचे सरकारी अधिकारियों व कर्मचारियों की टीम को गांव के सैकड़ों किसानों ने खेत में ही बंधक बना लिया। किसानों ने कहा कि जब तक वह कार्रवाई न करने का आश्वासन नहीं देते, तब तक वह अधिकारियों को नहीं जाने देंगे। कर्मचारियों को बंधक बनाए जाने के बाद भी करीब 2 घंटे तक कोई प्रशासनिक अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। बंधक कर्मचारियों ने किसानों के मान मनव्वल कर अपना पिंड छुड़वाया और किसी तरह बचकर रतिया पहुंचे। पुलिस के पहुंचने तक किसान भी वहां से जा चुके थे। हालांकि अधिकारियों ने थाने में किसी भी किसान के खिलाफ कार्रवाई न करने का पत्र भी दे दिया है। लेकिन मीडिया से अधिकारियों ने स्पष्ट कहा है कि इन घटनाओं को देखते हुए वह आला अधिकारियों को पत्र लिख रहे हैं कि अब बिना फोर्स पराली जलाने की रिपोर्ट बनाने नहीं जाएंगे।
सरकार व जिला प्रशासन द्वारा किसानों को खेत में धान की पराली से रोकने के लिए अधिकारियों की टीमों का गठन किया गया है, जो पराली में आग लगाने वाले किसानों पर विशेष निगरानी रख रही है। इसी दौरान पटवारी जोगिंदर सिंह, एडीओ अजय हंस, ग्राम सचिव जोगिंदर सिंह को सूचना मिली थी कि चिम्मो गांव में एक किसान ने खेत में आग लगा दी है। सूचना पाते ही अधिकारी दोपहर को रिपोर्ट बनाने के लिए गांवों में पहुंचे। बताया गया है कि जैसे ही वह खेत में पहुंचकर जांच रिपोर्ट बनाने लगे तो सैकड़ों किसान टोली बनाकर खेत में घुस आए और तीनों अधिकारियों को कमरे में बंद कर दिया। किसानों ने अधिकारियों से कहा कि सरकार पराली का बिना कोई हल किए उन पर कार्रवाई करने के निर्देश दे रही है। यह सरासर अन्याय है। जब तक जिला प्रशासन का कोई अधिकारी उन्हें कार्रवाई न होने का आश्वासन नहीं देता, तब तक वह बंधक अधिकारियों को नहीं छोड़ेंगे।
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इसी बीच तीनों अधिकारियों ने बंधक बनाए जाने की सूचना रतिया के तहसीलदार, बीडीपीओ, खंड कृषि अधिकारी को दे दी। करीब 2 घंटे तक कोई भी अधिकारी गांव में कर्मचारियों को छुड़वाने के लिए नहीं पहुंचा। जबकि गांव रतिया से मात्र 9 किलोमीटर की दूरी पर है। जब कोई अधिकारी नहीं आया तो तीनों कर्मचारियों ने किसानों सेे छोड़ने की गुहार लगाई। 2 घंटे बाद किसानों ने उन्हें कार्रवाई नहीं करने के आश्वासन पर छोड़ दिया और कर्मचारियों ने किसी तरह अपनी जान बचाई।
बंधक कर्मचारियों को न छुड़ाना पुलिस और प्रशासन पर सवालिया निशान लगा रहा है। वहीं एसडीएम देवीलाल सिहाग ने कहा कि उन्हें इस घटना की जानकारी अब मीडिया से मिल रही है। किसी भी अधिकारी ने उन्हें इस बारे में सूचित नहीं किया। जब उनसे पूछा गया कि 2 घंटे तक प्रशासन का कोई भी कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा तो उन्होंने कहा कि वह इस मामले की जांच कराएंगे की अधिकारी उस समय कहां व्यस्त थे। बंधक बनाए गए कर्मचारियों के बयान दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी ।
वहीं, एडीओ अजय हंस ने बताया कि वह सूचना के आधार पर चिम्मो गए थे। वहां 100 के करीब ग्रामीणों ने खेत में ही बैठा लिया और उन्हें सरकारी काम नहीं करने दिया। उन्होंने इसकी जानकारी आला अधिकारियों को दी थी। उन्होंने उच्चाधिकरयों को पत्र लिखकर बता दिया है कि वह बिना फोर्स पराली में आग की रिपोर्ट बनाने नहीं जाएंगे।
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पराली समस्या को लेकर किसान सभा आज करेगी प्रदर्शन
प्रदर्शन की तैयारियों को लेकर गांवों में चलाया अभियान
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद।
पराली की समस्या का स्थायी समाधान, बनाए गए झूठे मुकदमें रद्द करवाने, जबरी फसल बीमा वसूली पर रोक, कपास के नकली बीज से बर्बाद फसल का मुआवजा, कर्जा मुक्ति, फसलों का लाभकारी भाव, आवारा पशुओं की समस्या का स्थाई समाधान इत्यादि मांगों को लेकर अखिल भारतीय किसान सभा, फतेहाबाद द्वारा 25 अक्टूबर को फतेहाबाद में डीसी कार्यालय पर रोष प्रदर्शन किया जाएगा।
प्रदर्शन की तैयारियों को लेकर किसान सभा द्वारा जनसम्पर्क अभियान चलाया जा रहा है। किसान सभा के जत्थे ने विभिन्न गांवों का दौरा कर किसानों से इस प्रदर्शन में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया है। यह जानकारी देते हुए किसान सभा के जिला सचिव राम सिंह एडवोकेट ने बताया कि 25 अक्टूबर को जिलेभर के किसान नई सब्जी मण्डी में एकत्रित होंगे और वहां से रोष प्रदर्शन करते हुए उपायुक्त कार्यालय जाएंगे। नई सब्जी मण्डी में आयोजित सभा में मुख्य वक्ता के तौर पर किसान सभा के राज्य उपप्रधान का. इन्द्रजीत सिंह भाग लेंगे।
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ग्रामीण सभाओं को संबोधित करते हुए सभा के जिला प्रधान रामस्वरूप ढाणी गोपाल व सचिव राम सिंह एडवोकेट ने कहा कि मोदी-खट्टर के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार खेती की समस्याओं को हल करने की बजाय तानाशाही का व्यवहार कर रही है। पराली की समस्या का समाधान करने की बजाय किसानों पर मुकदमें दर्ज कर रही है। इसके विरोध में किसान सभा ने सरकार की तानाशाही का विरोध करने और पराली की समस्या सहित अन्य उपरोक्त मांगों को हल करवाने के लिए 25 अक्तूबर को डीसी कार्यालय पर प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है। इस प्रदर्शन में जिलेभर से भारी संख्या में किसान भाग लेंगे। इस अवसर पर का. छत्रपाल सिंह, मलकीत सिंह, स. सुखविन्द्र सिंह, मुंशीराम चौबारा सहित किसान सभा के अनेक सदस्य मौजूद रहे।
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