कोरोना महामारी के बीच शहर में सफाई, संक्रमित मृतकों का दाह संस्कार, कंटेनमेंट जोन में जाकर सैनिटाइज करने वाले नगर परिषद के कर्मचारियों के साथ खुद का महकमा मजाक कर रहा है। अधिकारियों और प्रधान के बीच खींचतान का खामियाजा कर्मचारी भुगत रहे है। जानकर हैरानी होगी कि महामारी के बीच जान हथेली पर रखकर काम करने वाले कर्मचारियों को पिछले दो माह से मास्क और सैनिटाइजर नहीं मिले है। नप अधिकारियों ने मास्क और सैनिटाइजर की पिछली दो माह से खरीद ही नहीं की है।
अधिकारियों का कहना है कि पिछले करीब 60 हजार रुपये के बिल पास नहीं हुए हैं इसलिए नया सामान नहीं खरीदा गया है। नप प्रधान दर्शन नागपाल ने पलटवार करते हुए कहा है कि बिना अनुमति सामान खरीदा गया इसलिए बिल रोके गए हैं। इधर कर्मचारियों का कहना है कि पिछले दो माह से मास्क और सैनिटाइजर नहीं दिए गए है, कई बार मांग कर चुके हैं। अधिकारी कोई भी जवाब देने को तैयार नहीं हैं। सुबह और शाम शहर के अलग-अलग हिस्सों में जाकर कर्मचारी सफाई करते हैं और मृतकों का दाह संस्कार तक कर रहे हैं लेकिन बावजूद इसके नप कर्मचारियों की जान की परवाह नहीं कर रहे हैं।
कर्मचारी बोले- पीपीई किट भी नहीं मिल रही पूरी
कोरोना संक्रमित मृतकों का दाह संस्कार करने वाले कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें पीपीई किट भी पूरी नहीं मिल रही है। एक दिन में होने वाले दो से तीन दाह संस्कार में उन्हें एक ही किट का प्रयोग करना पड़ रहा है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि पीपीई किट की कोई कमी नहीं है।
जानिए क्या है स्थिति
नगर परिषद कर्मचारी - 170
वार्ड संख्या - 25
शहर की जनसंख्या - 1,25000
नप प्रधान दर्शन नागपाल से सीधी बात
नगर परिषद कर्मचारियों को मास्क और सैनिटाइजर नहीं मिल रहे।
प्रधान : नगर परिषद अधिकारी अनुमति नहीं ले रहे हैं, अनुमति ले और औपचारिकताएं पूरी करके सामान खरीदें।
प्रश्न : अधिकारी कह रहे हैं पिछले बिल पास नहीं हुए हैं।
प्रधान : अनुमति लिए बिना मास्क और सैनिटाइजर खरीदे गए इसलिए पिछले बिल रोके गए हैं।
प्रश्न : क्या कोई गड़बड़ी की आशंका है।
प्रधान : मैंने बिलों से संबंधित दस्तावेज मांगे हैं, अधिकारी दे नहीं रहे हैं। बिलों में गड़बड़ी की आशंका है। दस्तावेज ले आएं, बिल पास कर दिए जाएंगे।
कोट
नगर परिषद कर्मचारियों को पिछले करीब दो माह से मास्क और सैनिटाइजर नहीं मिले हैं। हम कई बार डिमांड कर चुके हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं है। कर्मचारी अपनी जान हथेली पर रखकर काम कर रहे हैं लेकिन फिर भी इस तरफ ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
- राजाराम, प्रधान, नगर परिषद कर्मचारी यूनियन।
कोट
मास्क सैनिटाइजर के पिछले कुछ बिल पास नहीं हुए हैं। करीब 60 हजार रुपये के बिल बकाया है। हम चाहते हैं कि पिछले बिल पास हो जाएं इसके बाद नया सामान लाया जाएगा। पीपीई किट की कोई कमी नहीं है।
- मुकेश शर्मा, मुख्य सफाई निरीक्षक।