हिसार रोड स्थित 15 एकड़ जमीन पर प्रशासन द्वारा कब्जा दिलाने के मामले मे शनिवार को कोर्ट में याचिकाकर्ता व प्रशासन की ओर से जवाब दाखिल किया गया। इस दौरान नंदीशाला को लेकर भी कोर्ट में बात रखी गई, जिस पर 29 मार्च को फैसला आने की संभावना है।
तहसीलदार नवदीप नैन ने बताया कि माननीय कोर्ट के आदेशानुसार हिसार तिराहा स्थित 15 एकड़ जगह में से 12 एकड़ जमीन पर मालिकों को कब्जा दिलवा दिया है। इसको लेकर न्यायाधीश के समक्ष जवाब दाखिल किया गया। तहसीलदार नवदीप नैन ने बताया कि 29 मार्च को होने वाली पेशी के दौरान नंदीशाला के बारे में चर्चा होने की संभावना है। गौरतलब है कि हिसार तिराहा स्थित 15 एकड़ कब्जे की जमीन से प्रशासन ने कब्जा छुड़वाते हुए 12 एकड़ जमीन को समतल कर वारिसों को सौंप दिया। तहसीलदार ने बताया कि प्रशासन की ओर से याचिकाकर्ता के समक्ष निवेदन किया गया कि जब तक प्रशासन नंदीशाला में मौजूद लावारिस सांडों की समस्या से निपटने के लिए जगह देख रहा है, तब तक सांडों को यहीं रखा रहने दिया जाए।
लोगों में भय का माहौल
लावारिस सांडों को नंदीशाला से बाहर निकाला गया तो यह क्षेत्र की जनता के लिए बड़ा खतरा सिद्ध हो सकता है। शहर में घूम रहे लावारिस सांडों से लोग परेशान हैं। गौरतलब है कि पहले भी लावारिस सांडों के कारण क्षेत्र में कई लोगों की मौत हो चुकी है तथा कई लोग घायल हो चुके हैं। इन सांडों की समस्या से निपटने के लिए क्षेत्र के विभिन्न सामाजिक संगठनों ने प्रदर्शन भी किया था। इसके बाद नंदीशाला संयोजक धर्मपाल सैनी ने प्रशासन व सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से रात के समय में सांडों को नंदीशाला में रखा था।