फतेहाबाद। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश हेमंत यादव की अदालत ने चरित्र के शक में पत्नी व बेटे की बेरहमी से हत्या करने के युवक को दोषी करार देते हुए उम्रकैद व 10,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। इस मामले में सदर थाना फतेहाबाद पुलिस ने 29 जुलाई 2018 को राजस्थान के सादलपुर निवासी विक्रम की शिकायत पर गांव हरिपुरा निवासी श्रवण कुमार के खिलाफ धारा 302 के तहत केस दर्ज किया था।
विक्रम ने बताया था कि उसकी छोटी बहन रेखा की शादी आठ साल पहले श्रवण के साथ हुई थी। उसकी बहन के चार साल का बेटा ध्रुव भी था। उसका बहनोई श्रवण कुमार पत्नी व बेटे के साथ गांव में अपने अलग मकान में रहता था। आरोप था कि उसका बहनोई श्रवण अपनी पत्नी के चरित्र पर शक करता था। वह रोज रेखा के साथ झगड़ा करता था।
29 जुलाई को उसके पास फोन आया कि श्रवण कुमार ने उसकी बहन रेखा व भांजे ध्रुव का रात को कत्ल कर दिया है। सूचना पाकर जब वह अपने परिवार सहित बहन के घर पहुंचा तो देखा कि रेखा कमरे में फर्श पर खून से लथपथ पड़ी थी और भांजे ध्रुव की साथ वाले कमरे में बेड पर गर्दन कटी हुई थी। पुलिस ने विक्रम की शिकायत पर श्रवण कुमार के खिलाफ धारा 302 के तहत केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया।
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आरोपी ने बताया था कि पत्नी ने कह दिया था कि बेटा मेरे पहले प्यार की है निशानी
पुलिस पूछताछ में आरोपी श्रवण कुमार ने बताया था कि वह प्लंबर का काम करता था, उसे अक्सर काम के चलते बाहर जाना पड़ता है। उसकी पत्नी रेखा के पास टच वाला मोबाइल था, वह अपने मोबाइल में लॉक लगाकर रखती थी। लोक का कोड उसे भी नहीं बताती थी। जब भी काम से घर आता तो उसे देखकर उसकी पत्नी मोबाइल बंद कर लेती थी। इन हरकतों के कारण उसे अपनी पत्नी पर किसी अन्य व्यक्ति के साथ अवैध संबंध होने का शक हुआ। जिस पर उसने अपनी पत्नी से मोबाइल का कोड नंबर जानना चाहा तो उसने बताया नहीं और उसके साथ रुखा व्यवहार करने लग गई। 28 जुलाई 2018 को वह गांव के मंदिर से सत्संग सुनकर रात को करीब 10 बजे घर पर आया। उस समय उसकी चारपाई पर बेटा ध्रुव सोया हुआ था जबकि साथ वाली चारपाई पर उसकी पत्नी रेखा लेटी हुई थी। मैंने अपनी पत्नी से पूछा कि मेरे साथ कई दिनों से तेरा व्यवहार ठीक नहीं है। इस पर पत्नी बोली कि मैं शुरू दिन से ही किसी और की हूं, तेरे तो बस घर पर ही रहती हूं। जिस पर उसने पत्नी रेखा से कहा कि जिसके पास जाना चाहो, जा सकती हो, मैं तो मेरे लड़के ध्रुव के साथ जीवन बिता लूंगा। इस पर उसकी पत्नी ने कहा कि ध्रुव तेरा क्या लगता है। यह तो मेरे पहले प्यार की निशानी है, जिस पर उसे एकदम गुस्सा आ गया और कमरे से बाहर आ गया। फिर उसने अपनी पत्नी रेखा व लड़के ध्रुव को रास्ते से हटाने की ठान ली और घर में प्लंबर के काम के औजार वाले थैले में से हथोड़ा निकाला और पत्नी के सिर में जोर से मारा और फर्श पर गिरा दिया, उसकी नब्ज चल रही थी तो उसकी छाती पर बैठकर उसके मुंह को कसकर दबा लिया। थोड़ी देर बाद उसकी धड़कन बंद हो गई। इसके बाद औजारों वाले बैग से कट्टर निकाल कर ध्रुव की गर्दन काट दी।
खुद भी की थी मरने की कोशिश
श्रवण के अनुसार उसने भी मरने के लिए अपनी गर्दन पर कटर लगाया, परंतु मामूली कटर लगने के बाद उसकी हिम्मत नहीं हुई। इसके बाद घर से रेलगाड़ी से कटने के लिए जिला सिरसा में डिंग चला गया। वहां पर भी मेरी रेल के आगे आने की हिम्मत नहीं हुई। मामले में छह साल तक सुनवाई चलने के बाद अब अदालत ने श्रवण कुमार को दोषी माना और उसे उम्रकैद व 10,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।