अतिरिक्त जिला सत्र न्यायाधीश शालिनी सिंह नागपाल ने गांव ठरवा टोहाना में जहर से हुई तीन वर्षीय बालक नैतिक की मौत के मामले में मृतक बच्चे की मां सुनीता व पिता सुरेश को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।
उल्लेखनीय है कि 24 सितंबर 2015 को गांव ठरवा में महिला सुनीता व उसके तीन वर्षीय पुत्र नैतिक के जहर खाने का मामला सामने आया था। सुनीता व नैतिक को सरकारी अस्पताल टोहाना में भर्ती करवाया गया था। यहां तीन वर्षीय नैतिक की मौत हो गई थी। इस मामले में पुलिस ने पहले सुनीता की शिकायत पर उसके पति सुरेश व सास सुमित्रा के खिलाफ दहेज उत्पीड़न व हत्या के आरोप में केस दर्ज किया था।
बाद में पुलिस ने सुनीता की सास सुमित्रा की शिकायत पर सुनीता के खिलाफ 302 का केस दर्ज किया था। सुमित्रा ने पुलिस को बताया था कि उसकी पुत्रवधू सुनीता ने पहले अपने तीन साल के बेटे नैतिक को जहर की गोली खिलाई और बाद में खुद भी खा ली। इस मामले में दोनों आरोपी सुनीता व उसका पति सुरेश न्यायिक हिरासत में हिसार जेल में थे।