फतेहबाद। नागरिक अस्पताल में पिछले लंबे समय से चल रही दवाओं की कमी के बाद अब दवाई पहुंचने से लोगों को राहत मिली है। अस्पताल में सबसे अधिक मांग वाली दवाओं में शामिल कफ सिरप (खांसी की दवाई) की खेप तीन महीने के बाद पहुंच गई है।
ठंड के मौसम में खांसी और जुकाम के मरीजों की संख्या बढ़ी हुई है। ऐसे में कफ सिरप आने से लोगों को राहत मिली है। अस्पताल के स्टोर में तैनात कर्मचारियों के अनुसार, मुख्यालय से दवाओं की नई खेप प्राप्त हुई है। इसमें 3,000 कफ सिरप की बोतलें नागरिक अस्पताल पहुंची हैं। पिछले तीन महीनों से अस्पताल के स्टोर में कफ सिरप उपलब्ध नहीं थी। इस कारण मरीजों को मजबूरन मरीजों को बाहर से दवा खरीदनी पड़ रही थी। सरकारी अस्पताल में दवा की उम्मीद लेकर आने वाले गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को अब राहत मिली है।
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स्टॉक में 2600 शीशी सुरक्षित
अस्पताल के दवा स्टोर प्रभारी ने बताया कि कफ सिरप की नई खेप में से वितरण शुरू कर दिया गया है। वर्तमान में वितरण के बाद भी लगभग 2,600 बोतलों का स्टॉक है। यह स्टॉक आने वाले कुछ समय के लिए पर्याप्त है और मरीजों को अब बिना किसी परेशानी के अस्पताल के अंदर से ही दवा उपलब्ध कराई जाएगी। पिछले तीन महीनों से कफ सिरप की सप्लाई पीछे से ही बाधित थी। जैसे ही स्टॉक प्राप्त हुआ है, इसे ओपीडी काउंटर पर उपलब्ध करा दिया है। अब किसी भी मरीज को खांसी की दवाई बाहर से नहीं लेनी पड़ेगी।
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मरीजों को मिली राहत
जनवरी की कड़ाके की ठंड और बदलते मौसम के कारण नागरिक अस्पताल की ओपीडी में वृद्धि हो रही है। रोजाना आने वाले मरीजों में से लगभग 40 प्रतिशत मरीज खांसी, जुकाम और सीने में जकड़न की समस्या से ग्रसित होते हैं। कफ सिरप उपलब्ध होने से सबसे ज्यादा राहत बुजुर्गों और बच्चों के परिजनों में है। अस्पताल में दवाई लेने आए संजय कुमार निवासी गांव खान मोहम्मद ने बताया कि पहले डॉक्टर पर्ची पर दवाई लिख देते थे, लेकिन काउंटर पर जाने पर पता चलता था कि सिरप खत्म है। मजबूरी में 100 से 150 रुपये की दवाई बाहर से लेनी पड़ती थी, लेकिन अब यह अस्पताल से ही मिल गई है।
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अस्पताल में कफ सिरप सहित अन्य आवश्यक दवाओं की कमी को भी दूर करने के प्रयास किए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य है कि सरकारी अस्पतालों में आने वाले प्रत्येक नागरिक को मुफ्त इलाज के साथ-साथ पूरी दवाइयां भी संस्थान के भीतर से ही प्राप्त हो।
-डॉ. बुधराम, सीएमओ, नागरिक अस्पताल, फतेहाबाद।