मेडिकल स्टार पर कार्रवाई करते विभाग के अधिकारी।
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फतेहाबाद। कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने सोमवार को फतेहाबाद, रतिया और टोहाना के मेडिकल स्टोरों पर रेड करके मास्क और सेनेटाइजर की जांच की। फतेहाबाद व भट्टू कलां में जहां भी मास्क मिले वहां विभाग को रिपोर्ट सही मिली, जबकि फतेहाबाद नागरिक अस्पताल के सामने एक दुकानदार 30 रुपये में मास्क बेचता हुआ पकड़ा गया। विभाग ने उसकी रिपोर्ट सरकार को भेज दी है।
रतिया में एएफएसओ सतपाल शर्मा, भट्टू कलां में इंस्पेक्टर सुरेश कुमार, चरणजीत व फतेहाबाद में घड़सीराम की टीम ने कार्रवाई की।
विभाग के अधिकारियों ने इन दुकानों पर गुप्त रुप से ग्राहक भेजकर मास्क व सेनेटाइजर की कीमतों व स्टॉक की जांच की। विभाग का उद्देश्य मास्क व सेनेटाइजर की कालाबाजारी व अधिक दामों पर बेचने से रोकना था।
जानकारी के अनुसार 13 मार्च को प्रदेश सरकार ने मास्क व हैंड सेनेटाइजर को आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत लाने का कानून बनाया था। 14 मार्च को प्रदेश सरकार ने इसका नोटिफिकेशन जारी कर 16 मार्च को प्रदेश के सभी खाद्य एवं आपूर्ति विभाग को आदेश दिए थे कि यह आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 7 में चेहरे पर लगाने वाले मास्क, 2 लेयर, 3 लेयर व हैंड सेनेटाइजर आवश्यक वस्तु अधिनियम में ला दिया है। अब इसकी कालाबाजारी पर रोक लगाने के साथ ही कोई भी दुकानदार निर्धारित मूल्य से अधिक मूल्य पर ना बेचे। सरकार ने आदेश दिए हैं कि छापेमारी करके इन दुकानों के फोटो भी लिए जाए। यदि कोई दुकानदार नोटिफिकेशन की उल्लघंना करते हुए पाया जाता है तो उसे मुख्य चिकित्सा अधिकारी को सूचित करें। मालूम हो कि कोरोना वायरस के प्रकोप को देखते हुए अनेक मेडिकल स्टोर संचालकों ने मास्क व सेनेटाइजर के दामों में वृद्धि करके 2 से 3 गुणा वसूले जा रहे हैं। साथ ही इसे मेडिकल स्टोर पर स्टॉक न दिखाकर कालाबाजारी करके बेचा जा रहा है।