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Fatehabad News: शादी के सीजन के चलते खुले पैसों को लेकर विवाद

Fri, 28 Nov 2025 01:54 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
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फतेहाबाद के हिसार रोड पर ​स्थित बस स्टैंड पर खड़ी बस में सवार होते यात्री। 
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फतेहाबाद। जिले में शादी-विवाह के सीजन की शुरुआत के साथ ही खुले पैसों का संकट बाजारों के साथ-साथ बसों में भी देखने को मिल रहा है। बाजार से 10, 20 रुपये के छोटे नोट लगभग गायब हो चुके हैं, जिससे आम लोगों और खासकर व्यापारियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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हालात यह है कि खुले पैसों की कमी के चलते ग्राहकों और दुकानदारों के बीच तीखी बहस होना आम हो गया है, वहीं 10 रुपये के सिक्कों को लेकर भी विवाद की स्थिति बनी हुई है। खुले पैसे का संकट सबसे ज्यादा असर फतेहाबाद रोडवेज बसों में यात्रा करने वाले यात्रियों व परिचालकों के बीच देखने को मिल रहा है। यात्री जब किराये के लिए 100, 200 या 500 रुपये का नोट देते हैं, तो परिचालक के पास अक्सर खुले पैसे नहीं होते। इस बात को लेकर अब यात्री और परिचालकों के बीच आए दिन गरमागरम हो रही है। परिचालकों का कहना है कि यात्री को अगर 20 रुपये की टिकट लेनी होती है तो वह 200 व 500 रुपये का नोट देता है। अगर बस में अधिकतर यात्री ऐसा करेंगे तो उनके पास खुले पैसे कहां से आएंगे। वहीं काफी जगह पर 10 रुपये के सिक्के लेने से भी यात्री मना कर देते हैं।

बाजार में खुले पैसे लेने के लिए देने हाेते हैं अतिरिक्त पैसे
परिचालक बंसीलाल, सुनील आदि ने बताया कि बस में टिकट काटने के दौरान वे खुद ही खुले पैसे लेकर चलते हैं ताकि उन्हें दिक्कत न आए। बाजार में खुले पैसे लेने के लिए उन्हें काफी बार अतिरिक्त पैसे देने पड़ते हैं। वहीं अब शादियों का सीजन चल रहा है जिस कारण उन्हें काफी दिक्कत आ रही है।
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बाजार में 10 रुपये के सिक्कों को लेकर भ्रम

परिचालकों का कहना है कि खुले पैसों की कमी को देखते हुए वे अपने बैग में 10 रुपये के सिक्कों रखते है, लेकिन यात्री उन्हें लेने से मना कर देते हैं। आम जनता में 10 रुपये के सिक्के को लेकर भ्रम की स्थिति है। यात्री इन सिक्कों को नकली मानकर या खुले पैसों की समस्या का हवाला देकर लेने से मना कर रहे हैं। हालांकि, भारतीय रिजर्व बैंक पहले ही इन सिक्कों को वैध मुद्रा घोषित कर चुका है, इसके बावजूद स्थानीय स्तर पर लोग इन सिक्कों को स्वीकार नहीं करते हैं।

टिकट के दौरान परिचालकों व यात्रियों को खुले पैसे रखने चाहिए। यात्री भी अपनी जेब में यात्रा के दौरान खुले पैसे लेकर चलें। ताकि दोनों पक्षों में किसी बात का विरोध न हो।
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- सुभाष ढांड, संस्थान प्रबंधक फतेहाबाद।
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