नगर परिषद कार्यालय में टेंडर को लेकर बुलाई गई मीटिंग में प्रधान और पार्षद
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फतेहाबाद। शहर के तीन मुख्य टेंडरों को लेकर विवाद जारी है। टेंडर खुलवाने को लेकर पार्षद किनारा कर रहे हैं। सोमवार शाम को चर्चा के लिए प्रधान दर्शन नागपाल ने पार्षदों की मीटिंग बुलाई लेकिन मात्र पांच ही पार्षद और पार्षद प्रतिनिधि पहुंचे। करीब एक घंटा तक प्रधान, पार्षद और अधिकारी इंतजार करते रहे, प्रधान अनुपस्थित पार्षदों को फोन करते रहे लेकिन नहीं पहुंचे। अब चर्चा के लिए आज 11 बजे नप कार्यालय में दोबारा मीटिंग बुलाई गई है। अगर पार्षद नहीं पहुंचते हैं तो टेंडर लटक सकते हैं। वहीं सोमवार को भूना के भी दो टेंडर खुलने थे लेकिन फतेहाबाद के टेंडरों को लेकर सहमति न बनने के कारण नहीं खुल सके।
शहर की सफाई व्यवस्था के लिए नप ने डोर टू डोर कूड़ा इकट्ठा करने, कंपोस्ट खाद बनाने और सार्वजनिक शौचालयों की सफाई को लेकर टेंडर जारी किया था। डोर टू डोर टेंडर और में साढ़े 19 लाख रुपये की शर्त लगाई गई थी। एजेंसी इससे ज्यादा ही राशि टेंडर में भर सकती है। इसके अलावा कंपोस्ट खाद बनाने के टेंडर में भी कम से कम राशि तय की गई थी। एक जनवरी को टेंडर खुलना था लेकिन इससे पहले 31 दिसंबर को पांच पार्षदों ने लिखित में देकर टेंडर रद करने की मांग कर दी। इसके बाद टेंडर लटक गए। टेंडर पर चर्चा करने के लिए प्रधान ने सोमवार शाम को पार्षदों की मीटिंग बुलाई। लेकिन मीटिंग में पार्षद ज्योति मैहता, पार्षद प्रतिनिधि सुरेंद्र मिढ़ा, रणजीत ओढ, पार्षद प्रतिनिधि विनोद रत्ति और अर्जुन लोट पहुंचे। इसके अलावा एमई अमित बेरवाल, जेई सुखविंद्र धूडिय़ा मौजूद थे। सभी पार्षद न होने के कारण टेंडर पर चर्चा ही शुरू नहीं हो पाई।
मीटिंग में पार्षद रोते रहे लाइटों का रोना
मीटिंग में पार्षद और प्रतिनिधि लाइटों का रोना रोते रहे। पार्षदों का कहना था कि नप लाइट लगाने में भेदभाव कर रहा है। जो लाइटेंद लगाई जा रही हैं उसकी वायरिंग सही नहीं है। कोई पार्षद बोला कि उनकी सहमति से वार्ड में लाइट नहीं लगाई जा रही हैं।
वर्जन
टेंडर पर चर्चा करने के लिए शाम को मीटिंग बुलाई गई थी, इसमें पांच पार्षद व पार्षद प्रतिनिधि पहुंचे हैं, इसलिए मंगलवार को 11 बजे टेंडर पर चर्चा करके इसे खोल दिया जाएगा।
दर्शन नागपाल, प्रधान नगर परिषद