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डंपिंग साइट से 690 रुपये प्रति टन के हिसाब से कचरा का होगा निस्तारण

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शहर के बीघड़ रोड पर बने डंपिंग साइट पर जमा रहे कचरा को हटाने की चली आ रही बहुप्रतीक्षित मांग पूरी हो गई है। अब एक साल के अंदर डंपिंग साइट पर जमा हजारों टन कचरा हट जाएगा। नगर परिषद ने लंबे इंतजार के बाद टेंडर खोल दिया है। तकनीकी जांच के बाद दिल्ली की एजेंसी पीपुल्स एसोसिएशन फॉर टोटल हेल्प एंड यूथ को टेंडर नगर परिषद ने जारी कर दिया है। एजेंसी को नगर परिषद अब जल्द वर्क ऑर्डर जारी करेगा। इसके बाद यहां पर काम शुरू हो जाएगा। करीब आठ माह से एक साल के अंदर बीघड़ रोड के डंपिंग साइट से कचरा हट जाएगा।
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एजेंसी डंपिंग साइट से कचरा के निस्तारण के लिए 690 रुपये प्रति टन के हिसाब से रुपये लेगी। यानी की नगर परिषद एक टन कचरा के निस्तारण के लिए एजेंसी को 690 रुपये देगी। इस पर करीब तीन से साढ़े करोड़ रुपये का खर्च आने का अनुमान है। टेंडर लेने के लिए सात एजेंसियां आगे आई थी। तकनीकी जांच के दौरान दो एजेंसियों के आवेदन रद्द कर दिए गए। पांच एजेंसियों में से संबंधित एजेंसी का रेट सबसे कम पाया गया। इसके चलते नप ने टेंडर जारी कर दिया है।
एजेंसी को कचरे का रखना होगा हिसाब : नगर परिषद अधिकारियों के मुताबिक टेंडर लेने वाली एजेंसी को डंपिंग साइट से कचरे के किए गए निस्तारण का पूरा हिसाब रखना होगा। एजेंसी के कर्मचारी डंपिंग साइट से कचरे में से मिट्टी, लोहा, प्लास्टिक, बोतल, लिफाफा, कागज आदि को अलग-अलग करेंगे। कचरे में से जो भी रिसाइकिल करने वाला सामान होगा उसे एजेंसी बेचेगी और रिकार्ड रखेगी। इसके अलावा अन्य कचरा जो किसी काम का नहीं है उसे शहर से बाहर ले जाकर खत्म करना होगा। इसको लेकर पर्यावरण के नियमों का भी एजेंसी को पालन करना होगा। कचरे से जो एजेंसी को आय होगी उसे टेंडर राशि में से काटकर नप भुगतान करेगी।
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छह साल से जमा हो रहा है कचरा : शहर में करीब 25 हजार घर हैं। नगर परिषद डोर टू डोर और वार्ड की गलियों से कचरा इक्ट्ठा करके डंपिंग प्वाइंट पर इक्ट्ठा करता है। इसके बाद इसे डंपिंग साइट बीघड़ रोड पर ले जाया जाता है। नगर परिषद अधिकारियों के मुताबिक 2014 से यहां पर कचरा इक्ट्ठा किया जा रहा है। शहर से रोजाना 31 टन कचरा निकलता है। डंपिंग पर करीब 45 हजार टन कचरा इकट्ठा हो चुका है।
आंकड़ों में समझिए सफाई को लेकर शहर के हालात
कर्मचारी - 172
टाटा ऐस गाड़ी - 13
घर - 25000
जनसंख्या - करीब सवा लाख
डंपिग प्वाइंट - 8
डंपिंग साइट - 1
रोजाना निकल रहा कचरा - 31 टन
साढ़े तीन एकड़ में फैली डंपिंग साइट हो चुकी है फुल : नगर परिषद की डंपिंग साइट साढ़े तीन एकड़ में फैली हुई है। करीब दो मीटर ऊपर तक कचरा भरा जा चुका है। हालात यह हो चुके हैं कि कचरा दीवार से बाहर निकलकर खेतों में जा रहा है। इसको लेकर कई बार विवाद हो चुका है। एजेंसी द्वारा काम शुरू करने के बाद इस दौरान आने वाले कचरे का नप अलग रखेगा।
कई बार रद्द होने के बाद सिरे चढ़ा टेंडर : नगर परिषद ने कचरा के निस्तारण को लेकर मई में टेंडर लगाने की प्रक्रिया शुरू की थी। इस दौरान टेंडर में अनुमानित राशि साढ़े चार करोड़ रुपये रखी गई। लेकिन शर्तों में बदलाव के चलते इसे दो बार रद्द किया गया और पांच बार इसकी तारीखों को आगे बढ़ाया गया। आखिर में टेंडर की शर्त में से अनुमानित राशि को हटा दिया गया। अब एजेंसी ने खुद अपना रेट देकर टेंडर लिया है।
कचरा निस्तारण टेंडर की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। एजेंसी को नियम के मुताबिक वर्क ऑर्डर दे दिया जाएगा। इससे डंपिंग साइट से पर रखे कचरे का निस्तारण हो जाएगा। - समवर्तक सिंह, जिला नगर आयुक्त।
शहर में साफ सफाई की व्यवस्था अहम मुद्दा है। टेंडर सिरे चढ़ने के बाद आधी समस्या का निदान हो जाएगा। डंपिंग साइट पर जगह न होने के कारण कर्मचारियों को कई बार परेशानी आती थी। जेसीबी से जगह बनाने के बाद कचरा डालना पड़ता है। कचरा निस्तारण होने के बाद अगले पांच साल के लिए समस्या खत्म हो जाएगी। - दर्शन नागपाल, प्रधान नगर परिषद।
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