शहर के सार्वजनिक शौचालयों की सफाई का ठेका खत्म हो गया है। इसके चलते पिछले करीब सात दिनों से शहर के सार्वजनिक शौचालयों की सफाई नहीं हो रही है। नप ने सफाई के लिए नए ठेके की प्रक्रिया भी शुरू नहीं की है। हालात ये है कि शौचालयों में गंदगी के अलावा कहीं पानी नहीं है तो कहीं पर ताला लटका हुआ है।
बता दें कि नगर परिषद के अधिकारियों ने पुरानी एजेंसी को ही व्यवस्था बनाने के लिए अनाधिकृत रूप से काम सौंप दिया है जबकि एजेंसी काम नहीं कर रही है। स्वच्छ भारत मिशन के अधिकारी खुद मान रहे है कि सार्वजनिक शौचालयों की सफाई नहीं हो रही है। जबकि स्वच्छता सर्वेक्षण की टीम किसी भी दिन आ सकती है। हालात ये है कि शहर के थाना रोड पर एकमात्र शौचालय है जिसे मरम्मत के नाम पर तीन माह पहले बंद किया गया था जो कि अभी तक बंद ही है। इसके अलावा बस स्टैंड के सामने शौचालय जिसे रोजाना करीब डेढ़ हजार लोग प्रयोग में लेते है उसके हालात भी खराब है। शौचालय में सफाई है और न ही पानी है। शौचालयों को बेहतर बनाने के लिए नप ने 30 दिन पहले सुलभ बनाने की योजना बनाई थी जो कि एक कदम भी आगे नहीं बढ़ी है।
बस स्टैंड के सामने का शौचालय बदहाल
शहर के बस स्टैंड के सामने बने शौचालय के आसपास के लोगों का कहना है कि पांच दिन से सफाई करने वाला कोई नहीं आया है। वीरवार को जब हालात देखे तो यहां पर सफाई नहीं मिली। इसके अलावा न ही यहां पर पानी था बल्कि पाइपें भी टूटी मिली और हालत बदहाल है।
रतिया चुंगी : शौचालयों पर लटका ताला
रतिया चुंगी पर महिला और पुरुषों के लिए अलग-अलग शौचालयों की व्यवस्था है। लेकिन यहां पर दोनों ही शौचालय बंद है। आसपास के लोगों का कहना है कि सफाई न होने के कारण हालत खराब है इसलिए ताला लटका हुआ है। सफाई न होने के कारण गंदगी भरी हुई है। यहां पर आसपास करीब 150 दुकानें है।
थाना रोड शौचालय चार माह से बंद
शहर के थाना रोड शौचालय को तोड़कर नए सिरे से नप की नए बनाने की योजना है। लेकिन शौचालय को चार माह पहले बंद करने के बाद भी काम शुरू नहीं हुआ है। पूरे थाना रोड का एक ये ही शौचालय है। दुकानदार विनोद अरोड़ा का कहना है कि पार्किंग में व्यवस्था की गई है लेकिन वहां पर सफाई नहीं है इसके अलावा न कुंडी है। नप कर्मी दिखाने के लिए सफाई का सामान रखते है और फोटो करके हटा लेते है।
शहर में शौचालयों की स्थिति
शौचालय - 17
यूरिनल प्वाइंट - 6
शहर में सुलभ शौचालयों का प्रस्ताव ठंडे बस्ते में
नगर परिषद अधिकारियों ने शहर के मुख्य शौचालयों को सुलभ बनाने के लिए प्लान तैयार किया था। जिसमें शहर के नए और पुराने बस स्टैंड के पास स्थित शौचालय, हेरिटेज पार्क स्थित शौचालय, ऑटो मार्केट, रतिया चुंगी और थाना रोड के शौचालय शामिल है। पहले जिला नगर आयुक्त रह चुके समवर्तक सिंह ने ये प्लान तैयार करवाया था लेकिन योजना सिरे नहीं चढ़ पाई।
कोट
ये बात यही है कि सार्वजनिक शौचालयों की सफाई नहीं हो रही है। ठेका खत्म होने के कारण ये दिक्कत आ रही है। नया ठेका होने में 10 से 15 दिन का समय लग सकता है। नए ठेके पर में सुलभ शौचालय बनाने का भी विचार है। फिलहाल शहर के सार्वजनिक शौचालयों की नप के सफाई कर्मचारियों से सफाई करवा दी जाएगी।
- कुमार सौरभ, इंचार्ज स्वच्छ भारत मिशन
कोट
हमारा ठेका खत्म हो गया है। नप अधिकारियों ने कहा हुआ है कि सफाई करवा दें तो हम करवा रहे हैं।
- पंछी, ठेकेदार।
बस स्टैंड के सामने स्थित शौचालय में फैली गंदगी।- फोटो : Fatehabad
रतिया चुंगी पर शौचालय के गेट पर लगा ताला।- फोटो : Fatehabad