फतेहाबाद। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने वाहन उपभोक्ता को बड़ी राहत देते हुए प्रतिवादियों की सेवा में कमी के चलते उपभोक्ता को 22 हजार रुपये की राशि मुआवजा के रूप में देने के आदेश दिए हैं। उपभोक्ता आयोग ने प्रतिवादियों को यह भी निर्देश दिया है कि वह वाहन में कमी को बिना कोई राशि लिए दूर करें।
जानकारी के मुताबिक भीमा बस्ती निवासी संजीव कुमार ने आयोग में फतेहाबाद के मारुति डीलर शक्ति मोटर्स व और मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड गुरुग्राम के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई थी कि उसकी मारुति गाड़ी स्टार्ट करते हुए वाइब्रेशन करती है और उसके इंजन में भी आवाज आती है। प्रतिवादियों ने गाड़ी की कल्च प्लेट बदल दी और उससे 2145 रुपये ले लिए। मगर उसकी समस्या का फिर भी हल नहीं हुआ। इस पर उपभोक्ता ने आयोग का सहारा लिया। आयोग ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के पश्चात प्रतिवादियों की सेवा में कमी पाई। आयोग के अध्यक्ष राजबीर सिंह, सदस्य हरीशा मेहता व केएस निराणियां ने इस संबंध में आदेश पारित करते हुए प्रतिवादियों को निर्देश दिए कि वह उपभोक्ता की गाड़ी को बिना कोई राशि लिए सही करके दें और इस संबंध में इंजीनियर का प्रमाणपत्र दें कि गाड़ी डिफेक्ट फ्री है।
आयोग ने प्रतिवादियों को यह भी निर्देश दिए कि वह उपभोक्ता से ली गई 2145 रुपये की राशि भी 7 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित उसे वापस करें। प्रतिवादियों को आयोग ने इस आदेश की पालना करने के लिए 45 दिन का समय दिया है। 45 दिनों के अंदर भुगतान न करने पर 9 प्रतिशत की दर से ब्याज लगेगा।