फतेहाबाद। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने बीमा कंपनी को खराब हुई कॉटन फसल खरीफ 2017 के लिए 19189 रुपये की राशि छह प्रतिशत ब्याज सहित 45 दिन में किसानों को अदा करने का आदेश दिया है। आयोग ने इसके साथ ही बीमा कंपनी को 11 हजार रुपये की राशि का हर्जाने के रूप में भी अदा करने को कहा है।
आयोग ने कहा कि यदि बीमा कंपनी बजाज आलियांज ऐसा करने में असफल रही तो उपभोक्ता संरक्षण एक्ट की धारा 72 के तहत एक महीने की कैद हो सकती है, जो तीन साल तक बढ़ाई जा सकती है। वहीं, 25 हजार से लेकर एक लाख तक जुर्माना भी लगाया सकता है। गांव मढ निवासी किसान अमर सिंह, गुलाब सिंह व चतर सिंह ने अपने अधिवक्ता राजबीर सिंह के जरिये अदालत में शिकायत दर्ज करवाकर कहा कि बीघड़ गांव में उनकी जमीन है। उन्होंने उस जमीन में नरमा की खेती की थी। उनके पास किसान क्रेडिट कार्ड की सुविधा है। उन्होंने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमा कंपनी के पास अपनी फसल का बीमा करवाया था, जिसकी बीमा राशि 4467,17 रुपये बीमा राशि के रूप में कटे थे।
भारी वर्षा, ओलावृष्टि की वजह से उनकी नरमे की फसल खराब हो गई। इसकी सूचना उन्होंने कृषि विभाग को दी। अनुमान लगाया कि 25 हजार रुपये प्रति एकड़ से हिसाब नुकसान हुआ है, लेकिन बार-बार आग्रह पर भी बीमा कंपनी ने उनके नुकसान की भरपाई नहीं की। उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष राजबीर सिंह, सदस्य केएस निरानियां व हरीशा मेहता दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद शिकायतकर्ता किसान अमर सिंह, गुलाब सिंह व चतर सिंह के हक में फैसला सुनाया।