फतेहाबाद। नेशनल हाईवे पर जिला मुख्यालय से सिर्फ 12 किलोमीटर दूर स्थित गांव दरियापुर को सांसद सुनीता दुग्गल ने गोद लिया हुआ है। इसके बावजूद गांव में समस्याओं का अंबार लगा है। समस्याओं के समाधान की कोई आस ही नजर नहीं आ रही। सबसे बड़ी समस्या पेयजल की बनी हुई है। यह समस्या लगातार उठ रही है, फिर भी स्थायी समाधान नहीं हुआ है।
दरअसल, सुनीता दुग्गल ने सांसद बनने के बाद साल 2020 में गांव दरियापुर को गोद लिया था। कोरोना काल शुरू होने के साथ ही गांव की सूरत बदलने की प्रक्रिया भी थम गई। पिछले 30 सालों से चली आ रही पेयजल समस्या का सांसद भी तीन साल में समाधान नहीं करवा पाई। स्थिति ऐसी है कि ग्रामीणाें को चार दिन बाद पानी मिल रहा है। इसके अलावा गांव की कई गलियों के निर्माण का इंतजार है। जलनिकासी के नालों की सफाई न हाेने के कारण लोगों के घरों में दरारें आने लगी हैं।
पांच हजार से अधिक हैं मतदाता
गांव दरियापुर रतिया विधानसभा क्षेत्र में आता है। यह जिले के बड़े गांवों में शुमार हैं। इस गांव में पांच हजार से अधिक मतदाता हैं, जबकि आबादी 10 हजार से ज्यादा है। नेशनल हाईवे से जुड़ा होने के चलते गांव में दुकानों की काफी संख्या है। पहले यह गांव फतेहाबाद हलके में आता था, लेकिन 2005 में हुए परिसीमन के बाद यह रतिया हलके में चला गया। गांव के आखिरी हिस्सों में तो कई दिनों तक पेयजल आपूर्ति नहीं होती। यहां के जलघर में मात्र दो ही पानी की डिग्गियां हैं, जबकि यहां पर तीन डिग्गियों की आवश्यकता है।
रिस-रिसकर घरों की नींव में जा रहा पानी
गांव के जलघर के पास ही गली में नाला बना हुआ है। इसके नीचे पीने के पानी की लाइन जा रही थी। लीकेज होने के बाद इस पाइप लाइन को अलग जगह से निकाल दिया गया। मगर, आठ फुट गहराई के इस नाले की सफाई नहीं हो रही है, जिस कारण पानी रिस-रिसकर नाले के साथ लगे घरों की नींव में जा रहा है। गांव की कुछ गलियां इंटरलॉकिंग हैं, लेकिन काफी जगह खाली छोड़ दी गई है। ग्रामीणों के अनुसार गांव की मुख्य सड़क पर शराब का ठेका खोल दिया गया है, जिससे महिलाओं व स्कूल जाने वाली लड़कियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गांव की हरिजन चौपाल व पशु अस्पताल की इमारतें भी जर्जर हो चुकी हैं और दीवारें टूट चुकी हैं।
ग्रामीण बोले- अभी तक सांसद के इंतजार में ही है गांव
हमारे घर के आगे आठ फुट का नाला है, जिसकी कभी सफाई नहीं हुई। नाले के कारण घरों की नींव में पानी भर गया है। घरों में दरारें आने लगी हैं। घर कभी भी दरक सकते हैं। कोई सुध नहीं ले रहा है।
-दीपक कुमार, निवासी, गांव दरियापुर
गांव में बड़ी समस्या पेयजल की है। चार दिन बाद पानी आता है। सरपंच ने अपने स्तर पर पूरे प्रयास किए हैं और पानी की एक डिग्गी व पेयजल लाइन की मंजूरी भी मिल गई है। मगर, सरकारी तंत्र की कमी के कारण यह काम नहीं हो पा रहा है। सांसद सुनीता दुग्गल ने गांव गोद जरूर लिया है, लेकिन सुध नहीं ली है।
-विजय कुमार, निवासी, गांव दरियापुर
गांव के मुख्य रोड पर ही शराब का ठेका बना हुआ है। इस ठेके को कहीं और शिफ्ट करना चाहिए, क्योंकि यहां से स्कूली छात्राएं पैदल पढ़ने के लिए जाती हैं। महिलाओं का भी आना जाना लगा रहता है। ठेके के आगे ही कुछ लोग सुबह से ही शराब पीने लग जाते हैं, जिससे महिलाओं व छात्राओं को परेशानी होती है।
-राजेश कुमार, निवासी, गांव दरियापुर
गांव में कई सड़कें अभी भी कच्ची पड़ी हैं, जो सड़कें बनी हैं, उनमें इंटरलॉक टाइल पूरी नहीं लगी हैं। कच्ची गलियों में बारिश के दिनों में पानी भरने से कीचड़ के कारण लोगों को परेशानियों से जूझना पड़ता है। सांसद को गंभीरता के साथ गोद लिए गांव में विकास करवाना चाहिए था।
-सचिन कुमार, निवासी, गांव दरियापुर
गांव में पेयजल की समस्या को दूर करने के लिए फाइल चंडीगढ़ गई हुई है। इसके लिए मैं मंगलवार को चंडीगढ़ भी जा रहा हूं। वहीं, गांव में नालों की सफाई का काम अगले सप्ताह से मनरेगा के तहत करवाया जाएगा।
-सुरेश कंबोज, सरपंच, गांव दरियापुर
कोट
गांव दरियापुर में जलघर में एक और टैंक बनाया जाना है। इसका एस्टीमेट बनाकर भेजा हुआ है। आबादी बढ़ने के साथ ही मांग भी बढ़ गई है। इसलिए एक और टैंक बनाने का फैसला लिया गया। बाकी ज्यादा पेयजल संबंधी दिक्कत तो नहीं है। फिर भी चेक करवा लेंगे।
-सतपाल, एसडीओ, जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग