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Fatehabad News: टोहाना में मेडिकल तो फतेहाबाद में डिग्री कॉलेज का निर्माण शुरू होने की उम्मीद

Sat, 15 Mar 2025 11:43 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
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फतेहाबाद/टोहाना/ रतिया। प्रदेश सरकार सोमवार को बजट पेश करने जा रही है। इस बजट को लेकर जिले के लोगों को काफी उम्मीदें है। सबसे बड़ी उम्मीदें टोहाना के रसूलपुर में मेडिकल कॉलेज और फतेहाबाद में डिग्री कॉलेज के निर्माण शुरू होने को लेकर है।
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मेडिकल कॉलेज हो चाहे फतेहाबाद में डिग्री कॉलेज दोनों को जगह मिल चुकी है लेकिन निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। बजट को लेकर इस बार उम्मीदें इसलिए भी है क्यों कि पिछले में जिले के लिए कोई घोषणा नहीं हुई थी। प्रदेश स्तर पर जो घोषणा हुई उसका भी जिले को कोई अभी फायदा नहीं मिला है। साढ़े हजार से ज्यादा आबादी वाले गांवों में कचरा उठान शुरू होना था जो कि अब तक शुरू नहीं हो पाया है। इसके अलावा नई खेल नर्सरियां शुरू की जानी थी जो कि नहीं हो पाई है। हालांकि अभी तक नई खेल नर्सरियों को लेकर आवेदन मांगे गए हैं।

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कृषि कॉलेज शुरू करने की उम्मीद

फतेहाबाद विधानसभा क्षेत्र की बात करें तो यहां पर फूड प्रोसेसिंग प्लांट को लेकर काफी समय से मांग उठ रही है लेकिन ये पूरी नहीं हो पाई है। इस बार बजट में कृषि कॉलेज शुरू करने, एमडीआर टीबी मरीजों की जांच के लिए एलपीए लैब शुरू करने, सेमग्रस्त क्षेत्रों में समाधान की उम्मीद है। इसके अलावा बजट में अल्फा-सोमा और हुडा सेक्टर में नहरी पानी की सप्लाई शुरू करने की भी मांग पूरी हो सकती है। शहर फतेहाबाद की पुरानी सीवरेज पाइप लाइन को बदलने के लिए बजट की घोषणा हो सकती है।
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घग्गर की सफाई के लिए बजट की आस

रतिया विधानसभा क्षेत्र की बात करें तो शहर के टोहाना रोड से फतेहाबाद रोड पर बाईपास के पास होने की घोषणा तथा उसके लिए बजट पास होने की उम्मीद है। वहीं क्षेत्र के नागपुर ब्लॉक में महिला कॉलेज के लिए इस बजट में लोग आस लगाए बैठे हैं। क्षेत्र के लिए सबसे बड़ी समस्या बनी घग्गर नदी की सफाई को लेकर भी बजट में जगह मिलने की संभावना है। शहर से टोहाना तक करीब 35 किलोमीटर लंबी सड़क खस्ताहाल होने के चलते इसके निर्माण को लेकर भी क्षेत्रवासियों को काफी उम्मीद है।

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बजट की उम्मीदों को को लेकर ये बोले लोग

उपभोक्ताओं को एक ही दवा अलग-अलग दुकानों पर भिन्न-भिन्न कीमतों पर मिलती है, यह स्थिति उपभोक्ताओं के साथ धोखाधड़ी को दर्शाती है। सरकार को इस समस्या पर ध्यान देना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि दवा को एक निश्चित सीमा में रखा जाए। इसके अलावा, जेनेरिक दवाइयों को बढ़ावा देने और दवा मूल्य निर्धारण को पारदर्शी बनाने की आवश्यकता है ताकि आम जनता को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा मिले।

-डॉ. शिव सचदेवा, टोहाना।

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महंगाई ने आम जनता की कमर तोड़ दी है, खासकर रसोई के बजट पर इसका बहुत असर पड़ रहा है। सब्जियां, दालें, तेल और अन्य खाद्य वस्तुओं की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, जिससे परिवारों का गुजारा मुश्किल हो गया है। सरकार को जमाखोरी रोकने के लिए सख्त कानून लागू करने चाहिए और आवश्यक वस्तुओं की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। साथ ही, गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों के लिए विशेष सब्सिडी योजना लागू की जानी चाहिए।

-लक्ष्मी, गृहिणी

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रसूलपुर गांव में मेडिकल कॉलेज बनाने की घोषणा की थी। जिसका नामकरण भी किया जा चुका है लेकिन अभी तक इसका निर्माण शुरू नहीं हुआ है। सरकार को इसे प्राथमिकता देते हुए जल्द से जल्द काम शुरू करना चाहिए। टोहाना क्षेत्र में महिलाओं के लिए एक सरकारी व टेक्निकल कॉलेज की भी आवश्यकता है। कई छात्राएं उच्च शिक्षा से वंचित रह जाती हैं क्योंकि उनके पास अच्छे संसाधन नहीं होते। सरकार को टोहाना में सीडीएलयू यूनिवर्सिटी का सेंटर बनाना चाहिए ताकि छात्रों को इसका लाभ मिल सके।

- सृष्टि रानी, स्थानीय निवासी



प्रदेश की राजनीति में अहम स्थान रखने वाले टोहाना क्षेत्र में कोई बड़ा उद्योग न होने के कारण यहां के युवाओं को रोजगार के लिए अन्य शहरों में जाना पड़ता है। सरकार को यहां एक बड़ा औद्योगिक क्षेत्र विकसित करना चाहिए, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार मिल सके। इससे न केवल बेरोजगारी कम होगी, बल्कि युवाओं को नशे जैसी बुरी आदतों से भी दूर रखा जा सकेगा। यदि सरकार सही नीतियां बनाकर उद्यमियों को प्रोत्साहित करें तो टोहाना एक बड़ा औद्योगिक हब बन सकता है।

-रितेश कुमार, युवा

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सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए एक अच्छी स्वास्थ्य योजना बहुत जरूरी है। हरियाणा सरकार ने कैशलेस मेडिकल योजना की घोषणा की थी, लेकिन अभी तक इसे पूरी तरह लागू नहीं किया गया है। सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए यह योजना तुरंत लागू होनी चाहिए ताकि वे निश्चिंत होकर अपना इलाज करवा सकें। सरकार को इसे प्राथमिकता देनी चाहिए और सभी सरकारी अस्पतालों एवं पैनल में शामिल निजी अस्पतालों में यह सुविधा सुनिश्चित करनी चाहिए।

-सुभाष जैन, सेवानिवृत्त कर्मचारी।

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हरियाणा रोडवेज की बसों में वरिष्ठ नागरिकों को कुछ रियायत मिलती हैं, लेकिन यह पर्याप्त नहीं है। वोल्वो और एसी जैसी आरामदायक बसों में भी 50 प्रतिशत किराये की छूट दी जानी चाहिए ताकि बुजुर्ग आरामदायक यात्रा कर सकें। इसके अलावा, हरियाणा रोडवेज की सामान्य बसों में वरिष्ठ नागरिकों के लिए कम से कम 10 सीटें आरक्षित होनी चाहिए। यह कदम बुजुर्गों को सम्मानजनक और सुविधाजनक यात्रा प्रदान करेगा।
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- सुनीता गर्ग, गृहिणी
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