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फीस को लेकर फैला भ्रम

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कई दिनों सोशल मीडिया में निजी स्कूलों के विद्यार्थियों की फीस व अन्य खर्चों को लेकर चली आ रही भ्रांतियों को दूर करने के लिए जिले के सभी निजी स्कूल संचालक एक मंच पर सामने आए। इस दौरान विजय निर्मोही, शैलेन भास्कर, बलदेव सैनी और शैलेंद्र गोस्वामी ने कहा कि सरकार द्वारा जारी निर्देशानुसार यह स्पष्ट है कि अभिभावकों को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए 12 माह की फीस स्कूल को देनी ही होगी। जो अभिभावक इस वक्त अप्रैल और मई माह की फीस देने में स्वयं को समर्थ नहीं समझते उन्हें इसके लिए विद्यालय में आकर लिखित में आवेदन देना होगा कि वो इन दो माह की फीस नहीं दे पाएंगे इसलिए इस राशि को अगले बचे हुए महीनों में समायोजित कर दिया जाए। इसके साथ-साथ सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि वार्षिक शुल्क आदि को केवल स्थगित किया गया है रद्द नहीं किया गया। इसका भुगतान किस तरीके से किया जाएगा यह जैसा सरकार तय करेगी वही लागू होगा। निजी स्कूल संचालकों ने सभी स्कूलों में कार्यरत स्टाफ को भी कोरोना वारियर्स की संज्ञा दी क्योंकि वो अपनी निजी जिंदगी को अस्त-व्यस्त करके भी बच्चों के लिए शैक्षणिक वीडियोज बना रहे हैं ताकि बच्चों का संपर्क पढ़ाई से न टूटे। इससे पूर्व बैठक कर जिला की एक समन्वय समिति का गठन किया। समन्वय समिति में शिक्षाविद विजय निर्मोही, शैलेन भास्कर, बलदेव सैनी, शैलेंद्र गोस्वामी, मुनीष कोहली, गुलाब सिंह सूंडा, श्रवण राव, अजय रेवड़ी, सुभाष बिश्नोई, रणधीर पूनिया और महेंद्र बिश्नोई को चुना गया।
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स्कूल संचालकों ने कहा कि इस अप्रत्याशित दौर में जीवन के तौर तरीके बदले हैं तो स्कूलों ने भी अपने तौर-तरीके बदलते हुए लगातार बच्चों को ऑनलाइन शिक्षा देने का अपना दायित्व अच्छे से निभाया है और अभिभावकों की भी नैतिक जिम्मेदारी बनती है कि स्कूल में कार्यरत स्टाफ के वेतन आदि जैसे खर्चों के चलाने हेतु अपने बच्चों की मासिक फीस विद्यालय में सुचारु रूप से जारी करवाएं।
स्कूल संचालकों ने कहा कि स्कूलों को खोलने की तरफ सरकार गंभीरता से मंथन करे और ग्रीष्मावकाश के बाद जहां तक संभव हो सके विद्यालयों में कक्षाओं का संचालन शुरू किया जाए। इसके लिए सभी स्कूल सरकार के सभी दिशा-निर्देशों का पालन करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि अब जब बाकी सारी व्यापार आदि लगभग खुल चुके हैं तो अभिभावकों को स्कूल की फीस भी समय पर देनी चाहिए। इस अवसर पर समन्वय समिति सदस्यों के अलावा अंशुल चराईपौत्रा, अमित मक्कड़, मुनीष कोहली, हरमीत मक्कड़, टीडी मेहता, सुरेंद्र हंस, सुशील बंसल, अंशुल तनेजा, विनोद काकड़, परीक्षित बिश्नोई, महेंद्र सिंह, तरसेम जिंदल, गौरव भुटानी, रमेश वर्मा, अरुण चोपड़ा, नरेंद्र गिल्होत्रा, धर्मपाल सैनी, भूषण गावड़ी सहित अनेक स्कूल संचालक मौजूद रहे।
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