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चिंता : सड़कों से सफेद पट्टी गायब, संकेतक भी टूटे

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फतेहाबाद। सर्दी शुरू होने के साथ ही कोहरा छाना शुरू हो गया है। कोहरा के कारण होने वाले सड़क हादसों को रोकने के लिए अभी तक प्रशासन की तरफ से कोई इंतजाम शुरू नहीं किए गए हैं। नेशनल हाइवे, स्टेट हाइवे या फिर सिटी रोड के हालात ये है कि कहीं सफेद पट्टी नहीं है तो कहीं पर संकेतक टूटे हुए हैं या फिर लगाए ही नहीं गए हैं। ये ही नहीं नेशनल हाइवे पर किनारों पर पानी निकासी के लिए बनाए गए नालों के ढक्कन ही टूटे हुए हैं। प्रशासन से मिली रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 6 सालों में सड़क हादसों में करीब 585 लोग जान गवां चुके हैं। हालांकि आंकड़ा इससे कहीं ज्यादा है। कोहरा से सड़क हादसों को रोकने के लिए प्रशासन की तैयारियों की पड़ताल की गई। लेकिन पड़ताल में सामने आया है कि अवैध कट और टूटी सड़कें हादसों का सबसे बड़ा कारण बन सकती है। कोहरा में सड़क हादसे को बचाव को लेकर सफेद पट्टी अहम भूमिका निभाती है। स्टेट हाइवे की बात करें तो भट्टू रोड जो कि फतेहाबाद से भट्टू की तरफ जाता है। यहां पर सफेद पट्टी नहीं हैं। इसके अलावा हिसार-सिरसा फोरलेन पर कहीं सफेद पट्टी है तो कहीं गायब मिली। वहीं सड़क पर लगे संकेतक यानि चेतावनी बोर्ड की हालत ये है कि कहीं टूटे मिले तो कहीं से गायब थे। फतेहाबाद में पुराना बस स्टैंड के सामने ही संकेतक नीचे की तरफ झुका मिला।
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छह सालों में जिले में 585 लोगों की सड़क हादसों में गई जान
वर्ष मौत
2017 110
2018 129
2019 112
2020 80
2021 75
2022 79
जानलेवा बन सकते हैं अवैध कट
कोहरा में अवैध कट जानलेवा बन सकते हैं। फोरलेन पर दरियापुर पुल से लेकर धांगड़ पुल तक निरीक्षण किया। यहां पर लोगों द्वारा बनाए गए 10 से ज्यादा अवैध कट मिले। इन अवैध कट पर डिवाइडर के ऊपर से लोग मोटरसाइकिल लेकर सड़क पार करते हुए मिले।

रतिया चुंगी से लेकर हांसपुर रोड कैंची तक सड़क की खस्ता हालत
रतिया चुंगी से लेकर हांसपुर रोड कैंची तक सड़क की खस्ता हालत मिली। यहां पर जगह-जगह गड्ढे मिले। जो कि सड़क हादसों का कारण बन सकती है।

हादसों के कारण हांसपुर कैंची पर बन रहा अंडरपास
बाढ़ के कारण हांसपुर कैंची पर अंडरपास का काम रोक दिया गया था। लेकिन यहां पर काम एक बार फिर से शुरू हो गया। यहां पर रोजाना सड़क हादसे हो रहे थे। इसके चलते अंडरपास बनाने की मांग रखी गई थी। हालांकि अडंरपास के निर्माण के चलते लोग सड़क पार करने के लिए डिवाइडर या फिर अवैध कट बनाकर निकल रहे है।
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हादसे रोकने के लिए बन चुके है चार अंडरपास
दिल्ली-डबवाली नेशनल हाईवे पर स्थित गांव खाराखेड़ी, बड़ोपल, धांगड़ व दरियापुर में एनएचआई ने अंडरपास बनाए हैं। अंडरपास न होने के चलते यहां हादसे हो रहे थे। इन चारों गांवों में अंडरपास पर 56.30 करोड़ की राशि खर्च हुई है।

केस नंबर एक
हांसपुर कैंची पर सड़क हादसे में दपंती गवां चुका है जान
हांसपुर कैंची पर सड़क पार करते समय हुए हादसे में दंपती जान गवां चुके हैं। ढाणी ईसर निवासी रामकुमार परिवार समेत गांव जा रहे थे। जब सड़क पार करने लगे तो हाइवे पर आ रही गाड़ी ने टक्कर मार दी थी। हादसे में रामकुमार की पत्नी की उपचार के दौरान मौत हो गई थी और खुद रामकुमार करीब दो साल तक कोमा में रहने के मौत हो गई थी।

केस नंबर दो
हाइवे पर पुल के पास एक ही परिवार के सात लोग हुए चोटिल
शहर के भूना रोड पुल के पास कार को ट्रक ने टक्कर मार दी थी। जिसमें सिरसा निवासी एक ही परिवार के सात लोग घायल हो गए थे। सभी घायलों को फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल और फिर अग्रोहा मेडिकल ले जाया गया था।

कोट
कोहरा के कारण हादसों को रोकने के लिए एनएचएआई और बीऐंडआर को पत्र लिखा गया है कि वह सफेद पट्टी सड़क पर बनवाएं। वाहनों पर रिफ्लेक्टर भी लगाए जाएंगे। इसके अलावा रूटीन में चेकिंग भी की जा रही है।
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- संजय बिश्नोई, आरटीए सचिव, फतेहाबाद
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