फतेहाबाद में बैठक की अध्यक्षता करते हुए एडीसी अनुराग ढालिया।
फतेहाबाद। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम, 1989 के तहत गठित जिला स्तरीय सतर्कता एवं निगरानी समिति की बैठक सोमवार को लघु सचिवालय में एडीसी अनुराग ढालिया की अध्यक्षता में हुई। बैठक में अधिनियम के तहत दर्ज मामलों, पीड़ितों को दी गई राहत, पुनर्वास, अभियोजन तथा विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा की गई। एडीसी ने बताया कि मैन्युअल सीवेज सफाई पर पूर्ण प्रतिबंध है।
एडीसी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र पीड़ितों को राहत राशि समय पर उपलब्ध करवाने के लिए विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें। पुलिस विभाग को मामलों की जांच और अभियोजन की प्रगति पर नियमित निगरानी रखने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने अनुसूचित जाति के अधिकारों और कल्याणकारी योजनाओं के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए प्रचार-प्रसार गतिविधियां बढ़ाने को कहा। बैठक में नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम के तहत कानूनी सहायता योजना की समीक्षा भी हुई। योजना में पात्र अनुसूचित जाति के लोगों को विभिन्न मामलों में पैरवी के लिए 22 हजार रुपये तक की सहायता का प्रावधान है।
मुख्यमंत्री सामाजिक अंतर्जातीय विवाह योजना के तहत गैर-अनुसूचित जाति के व्यक्ति से विवाह करने पर अनुसूचित जाति के युवक-युवती को 2.50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। वर्ष 2024-25 में 141 लाभार्थियों को 3.525 करोड़ रुपये तथा वर्ष 2025-26 में 65 लाभार्थियों को 1.625 करोड़ रुपये दिए गए।
बैठक में एडीसी ने सीवर और सेप्टिक टैंक की सफाई निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुसार करवाने के निर्देश दिए। सफाई कर्मचारियों को सुरक्षा उपकरण, प्रशिक्षण और स्वास्थ्य जांच की सुविधा उपलब्ध करवाने को कहा गया।
उन्होंने ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में मैन्युअल स्कैवेंजिंग का सर्वे करवाकर रिपोर्ट तैयार करने तथा जिले को मैन्युअल स्कैवेंजिंग मुक्त बनाए रखने के लिए निरंतर निगरानी के निर्देश दिए। जिला कल्याण अधिकारी विनोद चावला ने बताया कि पिछले तीन वर्षों में एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत 155 मामले दर्ज हुए। वर्ष 2024 में 65, वर्ष 2025 में 59 और 2026 में अब तक 31 मामले पंजीकृत हुए हैं।