गांव भीमेवाला में बारिश के जलभराव से खराब हुई फसलों के मुआवजे को लेकर जानकारी देते हुए किसान। स
समैन। गांव भीमेवाला में मानसून बारिश से जलभराव के कारण खराब हुई धान, नरमा और बाजरे की फसलों का मुआवजा अब तक नहीं मिलने पर किसानों में भारी रोष है। प्रभावित किसानों ने कहा कि सरकार ने बारिश से खराब फसलों का मुआवजा 15 दिन में देने का आश्वासन दिया था, लेकिन तीन महीने से अधिक समय बीतने के बावजूद एक भी राहत नहीं मिली है।
किसानों रामफल, नरेंद्र, मोहन, प्रदीप, शमशेर, रणबीर, मनीराम, दलबीर, सतबीर और धीरा ने बताया कि लगातार बारिश और जलभराव से उनकी फसलें पूरी तरह नष्ट हो गई थीं। नुकसान का आकलन होने के बावजूद मुआवजा लंबित है। उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों से लगातार बारिश के कारण फसलें खराब हो रही हैं, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति कमजोर होती जा रही है।
ग्रामीण बलवान सिंह और रामफल सिंह ने बताया कि बारिश के पानी की निकासी नहीं होने से खेतों में सेम की गंभीर समस्या बन गई है। इस कारण लगभग 50 एकड़ भूमि पर इस बार गेहूं की बिजाई नहीं हो पाई। किसानों का कहना है कि जिन खेतों में सेम के कारण बिजाई संभव नहीं हो सकी, उनके लिए भी अलग से मुआवजा मिलना चाहिए।
किसानों ने सरकार से मांग की कि फसल नुकसान और सेम प्रभावित भूमि का मुआवजा शीघ्र दिया जाए, ताकि वे आगामी फसलों की तैयारी कर सकें और आर्थिक संकट से उबर सकें।