भूना के उभरते कुश्ती खिलाड़ी नरेश कुमार का चयन विश्व स्कूली चैंपियनशिप में हुआ। यह चैंपियनशिप 11 जुलाई से तुर्की में होनी है। इसमें शिरकत करने के लिए स्कूल गेम्स फेडरेशन ने नरेश से ढाई लाख रुपये की फीस मांगी है। गरीब मजदूर मां-बाप के पुत्र नरेश के पास इतने रुपये नहीं हैं कि वे उसे वहां भेज सकें। पिता टेलरिंग का काम करते हैं, जिसकी वजह से पिता भी उसकी मदद नहीं कर पा रहे हैं।
17 साल के नरेश जांगड़ा आर्थिक मदद के लिए फतेहाबाद के डीसी एनके सोलंकी, एसडीएम, विधायक तक अपनी गुहार लगा चुके, लेकिन कहीं से मदद नहीं मिली। इसकी जानकारी आईएमए हरियाणा के पूर्व प्रधान डॉ. विरेंद्र सिवाच को मिली, तो उन्होंने पूरी फीस स्वयं वहन करने की बात कही।
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नहीं मिला कोई सहयोग
तुर्की में होने वाली चैंपियनशिप में जाने को लेकर नरेश के पास जब पत्र आया तो उसमें ढाई लाख रुपये फीस की बात सुनकर नरेश दंग रह गया। उसके मन में खुशी की बजाए पैरों के नीचे जमीन खिसकने लगी। फेडरेशन के निमंत्रण पत्र में स्पष्ट है कि नरेश अपने स्तर पर रुपये जुटाए।
नरेश ने कई लोगों से मदद की मांग की, लेकिन सहयोग नहीं मिला। शनिवार को नरेश अपने सहयोगी कोच सुरेश कुमार, पहलवान जोगिंद्र, कुश्ती खिलाड़ी रवीन और प्रदीप के साथ उपायुक्त एनके सोलंकी के पास पहुंचा, तो उन्होंने एसडीएम के पास भेज दिया। एसडीएम ने यह कहकर वापस लौटा दिया कि ऐसा कोई प्रावधान नहीं है कि आर्थिक मदद की जा सके। नरेश ने बताया कि वह विधायक बलवान सिंह के पास गया, तो कोई मदद नहीं मिली। इसके अलावा पूर्व विधायक दुड़ाराम ने 2100 रुपये दे दिए।
डॉ. सिवाच ने की दो लाख की मदद
आईएमए के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष और भाजपा नेता डॉ. वीरेंद्र सिवाच को जब इस मामले की जानकारी मिली तो उन्होंने नरेश जांगडा और उसके परिवार के लोगों से मुलाकात कर उन्हें दो लाख रुपये की मदद करने की बात कही। डॉ. विरेंद्र सिवाच ने कहा कि जैसे ही मुझे पता चला कि नरेश जांगड़ा को रुपयों जरूरत है। मैंने उन्हें बुलवाया और जानकारी ली। डॉ. सिवाच ने बताया कि उन्होंने नरेश के तुर्की जाने का सारा खर्चा स्वयं वहन करने का निर्णय लिया है।
12वीं का छात्र है नरेश
मालूम हो कि भूना के वार्ड नंबर एक निवासी नरेश जांगड़ा भूना के न्यू सनराइज स्कूल में 12वीं कक्षा का छात्र है। जनवरी में आयोजित नेशनल स्कूल गेम में नरेश ने कु्श्ती में गोल्ड मेडल जीता था।
स्कूल गेम फेडरेशन आफ इंडिया का पत्र जब मुझे मिला तो खुशी हुई, लेकिन उसमें ढाई लाख रुपये फीस देखकर पसीने छूट गए। एक बार लगा कि मैं विश्व चैंपियनशिप नहीं खेल पाऊंगा, लेकिन डॉ. विरेंद्र सिवाच ने मुझे बुलाया और दो लाख रुपये देने की बात कही। अब मैं 11 जुलाई से 18 जुलाई तक तुर्की में होने वाली चैंपियनशिप में खेलने अवश्य जाऊंगा।
नरेश कुमार जांगड़ा
कुश्ती खिलाड़ी