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कोच और सुविधाओं के बिना लाखों का स्टेडियम बेकार

Sun, 30 Mar 2014 12:07 AM IST
fatehabad
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 गांव समैण में पांच साल पहले 65 लाख रुपये की लागत से बना स्टेडियम बदहाली के आंसू बहा रहा है। कोच और बिना सुविधाओं  के कारण खिलाड़ी परेशान हैं। ऐसे में खिलाड़ी पदक कैसे झटकेंगे। जिला प्रशासन भी कोई ध्यान नहीं दे रहा है।

गौरतलब है कि वर्ष 2008 में मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने गांव में ग्रामीण खेल स्टेडियम बनाने की घोषणा की थी। सीएम की घोषणा के बाद स्टेडियम निर्माण में तेजी से काम हुआ और वर्ष 2009 में यह बनकर तैयार हो गया।
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स्टेडियम बनने से क्षेत्र के युवाओं में खासा उत्साह था कि उन्हें खेलों में आगे बढ़ने के लिए प्रैक्टिस करने कहीं और नहीं जाना पड़ेगा। खेल विभाग ने भी दो कोच रखने की बात  कही थी, लेकिन वर्तमान में स्टेडियम की हालात देखकर इसे स्टेडियम नहीं कहा जा सकता।

 यह एक खाली जोहड़ नजर आता है। अब तक  कोच की व्यवस्था नहीं हो पाई और न ही खेल का कोई सामान है। खिलाड़ी खुद ही अपने पैसों से सामान लाकर खेल की तैयारी कर रहे हैं।

 कई खिलाड़ी खिलाडी राज्य  और नेशनल स्तर पर भी नाम रोशन कर चुके हैं  मगर फिर भी सरकार की और से कोई सहायता उपलब्ध नही करवाई जा रही है। स्टेडियम में बने एक मात्र हाल की हालत बहुत खराब है। इस की देखभाल करने वाला कोई नही है।

 महिला खिलाडियों के लिए बनाए गए  मिन्नी स्टेडियम में न तो पीने के पानी की कोई व्यवस्था है और न ही बैठने के लिए स्थान। हालांकि एक खेल प्रेमी निजी कोच अपने पास से पैसे लगाकर गांव प्रैक्टिस करवा रहा है। जिला प्रशासन ने डीसी रेट पर स्टेडियम की देख रेख के लिए एक वर्कर की व्यवस्था की है।

 
कबड्डी खिलाड़ी रामभतेरी ने बताया कि पांच वर्ष पूर्व बने  स्टेडियम में खेल का सामान नहीं है। आरोप लगाया कि सरकार हमारे साथ भेदभाव कर रही है।

सरकार की पदक लाओ पद पाओ की नीति चली। जो हमारे लिए नाकामयाब हो रही है। क्योंकि हमें अभी तक ना तो कोई नौकरी के लिए आश्वासन मिला है। हरियाणा सरकार की और से जो हमें पैसे देने की घोषणा हुई थी वो भी अभी तक नही मिले हैं।

 कबड्डी खिलाड़ी सुमन ने कहा कि गांव में ना तो स्टेडियम की व्यवस्था है ना ही कोई खेला का सामान है सरकार हमारे साथ भेदभाव की नीति अपनाई हुई। सरकार हमारे साथ ऐसा ही करती रही तो इससे खिलाड़ियो का मनोबल गिरता है। और हमारा खेल की और से ध्यान हट जाता है।
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कबड्डी कोच राजबीर सिंह ने बताया कि सरकार की और से खिलाड़ियों के लिए कोई अच्छे स्टेडियम की व्यवस्था है और न ही कोई खेल का सामान है। लड़कियां अपने पैसाें से ही सामान लाकर खेलती हैं।

सरकार की नीति के अनुसार कोच व खेलाें का सामान जल्द दिला दिया जाएगा। कुछ खेलों का सामान तो पहले भी समैण स्टेडियम में पहुंचाया जा चुका है।
                   
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