फतेहाबाद। शहरी एवं आवास मंत्रालय ने वीरवार को स्वच्छता सर्वेक्षण 2024 का परिणाम जारी कर दिया। इसमें जिले के पांच में से चार शहरों की स्वच्छता रैंकिंग में सुधार हुआ है लेकिन टोहाना पिछले साल के मुकाबले 13 स्थान पिछड़ गया है।
सर्वेक्षण परिणाम में शहर फतेहाबाद प्रदेश में चौथे स्थान पर रहा है जबकि पिछली बार छठे स्थान पर था। भूना शहर प्रदेश में 33वें, टोहाना शहर 38वें से 51वें, जाखल 27वें और रतिया शहर 15वें स्थान पर रहा है। जिले में भूना शहर को छोड़कर किसी में भी डोर-टू-डोर कचरा उठान की प्रक्रिया में अच्छे अंक नहीं मिले हैं।
यही नहीं जाखल और टोहाना शहर में कचरा निस्तारण का परिणाम शून्य रहा है। प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर परिणाम बेशक बेहतर रहा है लेकिन किसी भी शहर को स्टार रैंक नहीं मिली है। वजह यह है कि शहर के सार्वजनिक शौचालयों की सफाई बेहतर ढंग से नहीं हो रही है, नगर परिषद न तो एजेंसी को ठेके पर दे पाया है और न ही कोई अलग से व्यवस्था बना पाया है।
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आखिरी समय में भूना से उधार लेकर लगाए डस्टबिन
स्वच्छता सर्वेक्षण के दौरान नगर परिषद प्रशासन ने भूना से डस्टबिन उधार लेकर शहर में लगवाए। शहर में पिछले दो साल से डस्टबिन तक की व्यवस्था नहीं थी। यहां तक जिले के पांचों शहरों में डोर-टू-डोर कचरा उठान ठेका खत्म हो चुका है। औद्योगिक क्षेत्रों में सफाई की व्यवस्था नहीं है।
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पिछले छह साल के स्वच्छता सर्वेक्षण का परिणाम (उत्तर भारत में)
शहर 2023 2022 2021 2020 2019 2018
फतेहाबाद 42
13 27 30 177 191
टोहाना 84
21 60 26 329 289
भूना 174 116 178 105 399 172
रतिया 142
62 130 137 984 572
जाखल 375
303 552 000 000 000
नोट : इस बार उत्तर भारत का परिणाम जारी नहीं हुआ है।
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प्रदेश स्तर पर जिले के शहरों को ये मिला स्थान
शहर 2022 2023 2024
फतेहाबाद 2 6 4
रतिया 14 21 15
टोहाना 3 38 51
भूना 17 40 33
जाखल 11 55 27
भूना में कचरा उठान बेस्ट, टोहाना गीला-सूखा अलग-अलग करने में भी पिछड़ा
स्वच्छता सर्वेक्षण के जारी परिणाम में डोर-टू-डोर कचरा उठान में फतेहाबाद को 31 फीसदी, भूना को 75 फीसदी, टोहाना को 37, जाखल को 70 और रतिया को 41 फीसदी अंक मिले हैं। गीला-सूखा कचरा अलग-अलग करने में फतेहाबाद को 30 फीसदी, भूना को 15, टोहाना को 4 फीसदी, जाखल को 31 और रतिया को 15 फीसदी अंक मिले हैं।
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टोहाना और जाखल में नहीं मिला निस्तारण
स्वच्छता सर्वेक्षण टीम को टोहाना और जाखल में कचरे का निस्तारण नहीं मिला है। इसका परिणाम शून्य रहा है। जबकि फतेहाबाद को निस्तारण में 41, भूना को 24, रतिया को 24 फीसदी अंक मिले हैं। शहर फतेहाबाद से रोजाना 35 से 40 टन कचरा निकलता है।
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देश में 70 वें स्थान पर पहुंचा शहर फतेहाबाद
देश में जिले के शहरों की बात की जाए तो उसमें भी फतेहाबाद का परिणाम बेहतर रहा है। फतेहाबाद शहर 1372 से 70वें, टोहाना शहर पिछले साल के मुकाबले 2738वें से 455वें, शहर रतिया 2001वें से 300वें, जाखल शहर 3328 से 495वें और भूना शहर 2745वें स्थान से 492वें स्थान पर रहा है।
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शहरों में डोर टू डोर कचरा उठान के ठेके नहीं
जिले के पांच शहरों में डोर टू डोर कचरा उठान के ठेके खत्म हो चुके हैं। नगर परिषद और नगर पालिका फिलहाल अपने स्तर पर ही कचरे का उठान करवा रही है। शहर रतिया, टोहाना और फतेहाबाद के टेंडर रद्द हो चुके हैं। जाखल और भूना के टेंडरों की प्रक्रिया चल रही है।
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फतेहाबाद का देश में अच्छी रैंक के कारण कचरे का निस्तारण
शहर फतेहाबाद की देश में रैंक अच्छी आने के पीछे वजह ये है कि मुख्य कचरा संग्रह स्थल पर करीब 35 हजार टन कचरे का निस्तारण करवाया गया। शहर में सफाई व्यवस्था बेहतर की गई। वंचित क्षेत्र में सफाई को लेकर निजी एजेंसी को ठेका दिया गया। जिससे बाहरी कॉलोनी में सफाई शुरू हुई। लोगों ने सफाई को लेकर फीडबैक अच्छा दिया। अगर डोर टू डोर कचरा एकत्रित करने में अगर अच्छे अंक मिलते तो अवॉर्ड के लिए नोमिनेट हो सकते थे। शहर ओडीएफ से वाटर प्लस श्रेणी में आया है।
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स्वच्छता सर्वेक्षण के बारे में इस बार बेहतर प्रयास किए गए। प्रदेश और नेशनल स्तर पर परिणाम सामने हैं। फतेहाबाद वाटर प्लस, भूना ओडीएफ, टोहाना और रतिया ओडीएफ प्लस प्लस और जाखल ओडीएफ प्लस रहा है। अब प्रयास ये रहेगा कि जिले के शहरों को स्टार रैंक मिले है। इस बारे में प्रयास अभी से जारी हैं। शहर फतेहाबाद में रिहायशी क्षेत्र, मार्केट, शौचालयों और डंपिंग प्वाइंट पर स्वच्छता के 100 फीसदी अंक मिले हैं।
- कुमार सौरभ, सिटी टीम लीडर, स्वच्छ भारत मिशन
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फतेहाबाद में 30 फीसदी गीला-सूखा कचरे का सेग्रीगेशन बड़ी उपलब्धि है, लेकिन इसे हमें और बेहतर करना होगा। नागरिकों को चाहिए कि वे घर से ही कचरे को अलग-अलग करके नगर परिषद को दें ताकि फतेहाबाद स्वच्छता के क्षेत्र में एक नई मिसाल कायम कर सके।
- मनदीप कौर, उपायुक्त, फतेहाबाद।