फतेहाबाद। नगर परिषद की लापरवाही का खामियाजा शहरवासियों को भुगतना पड़ रहा है। शहर के लगभग आधे हिस्से में पिछले तीन दिन से सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप है। निजी एजेंसी ने लिखित आदेश न मिलने की स्थिति में काम करने से साफ इन्कार कर दिया। इसके बाद हालात बिगड़ते चले गए।
लालबत्ती चौक से भट्टू रोड और बीघड़ रोड की दिशा वाले क्षेत्रों में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं। इन ढेर से दुर्गंध फैल रही है, जिससे स्थानीय लोगों को रहना मुहाल हो गया है। नगर परिषद ने सितंबर 2024 में सनराइज ग्रुप को सफाई कार्य का ठेका दिया था। इसकी अवधि सितंबर 2025 तक तय थी। इसके बावजूद प्रशासन समय रहते वैकल्पिक व्यवस्था और आगे की योजना तैयार नहीं कर पाया।
ठेका समाप्त होने के बाद एक-एक माह की अवधि बढ़ाकर तीन बार अस्थायी रूप से काम चलाया गया। 25 दिसंबर के बाद ठेका आगे नहीं बढ़ाया गया। इससे सफाई कार्य बंद हो गया। उस समय मौखिक आश्वासन दिया गया कि ठेका बढ़ा दिया जाएगा, लेकिन पंद्रह दिन बीतने के बावजूद कोई लिखित आदेश जारी नहीं हुआ।
सोमवार को निजी एजेंसी के कर्मचारियों ने नगर परिषद कार्यालय में धरना दिया। नगर पालिका कर्मचारी संघ के पदाधिकारी भी समर्थन में पहुंचे और अधिकारियों से मिलने का प्रयास किया। कार्यालय में ईओ और सीएसआई के अनुपस्थित रहने से कर्मचारी निराश होकर लौट गए।
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नगर परिषद ने शहर को दो जोन में बांटा
नगर परिषद में कर्मचारियों के अभाव के चलते अधिकारियों ने शहर को सफाई के लिए दो जोन में बांटा है। एक जोन लालबत्ती चौक से मुख्य बाजार की तरफ तो दूसरा लालबत्ती चौक से भट्टू रोड की तरफ का शामिल है। मुख्य बाजार के एरिया में नगर परिषद कर्मचारी खुद सफाई कर रहे हैं जबकि दूसरे जोन का ठेका निजी एजेंसी को दिया गया है। एजेंसी ने सफाई के लिए 70 कर्मचारी लगाए हुए थे। नगर परिषद करीब 11 लाख रुपये हर माह एजेंसी को भुगतान कर रहा था।
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शहर की स्थिति
कुल वार्ड - 27
प्रॉपर्टी - 42 हजार
रोजाना शहर से निकल रहा कचरा - 35 से 40 टन
नगर परिषद के पास स्थायी कर्मचारी : 30
पालिका रोल पर तैनात कर्मचारी : 150
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मौखिक आदेश पर ही लाइटों की मरम्मत
शहर में स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत का कार्य भी निजी एजेंसी को दिया गया है। एजेंसी का ठेका 8 जनवरी को खत्म हो चुका है लेकिन हालात यह है कि नगर परिषद अधिकारी मौखिक आदेश देकर एजेंसी से स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत करवा रहे हैं।
नगर परिषद अधिकारियों को पहले रणनीति बनानी चाहिए थे। 15 दिन बीतने के बाद भी एजेंसी को लिखित आदेश नहीं दिए गए हैं। नगर परिषद के कर्मचारी शहर में एक तरफ ही सफाई कर सकते हैं। सोमवार को अधिकारियों से मिलने के लिए गए थे लेकिन वे मिले ही नहीं।
-ओमप्रकाश लोट, सचिव, नगर पालिका कर्मचारी संघ
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सफाई ठेका बढ़ाने कार्य के लिए प्रस्ताव भेज हुआ है। उच्च अधिकारियों ने ही इसे मंजूरी देनी है। नए ठेके के बारे में भी योजना तैयार है।
- सतपाल सैनी, सीएसआई, नगर परिषद