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प्रॉपर्टी आईडी को लेकर नप अधिकारियों की लगी क्लास, 110 फाइलें मिली पेंडिंग

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नगर परिषद कार्यालय में बैठक लेते डीएमसी और एसडीएम। - फोटो : Fatehabad
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नगर परिषद में प्रॉपर्टी आईडी को लेकर हो रही लेट-लतीफी और फाइलें लटकाने की शिकायतों के चलते मंगलवार सुबह जिला नगर आयुक्त डॉ. मुनीश नागपाल और एसडीएम कुलभूषण बंसल ने नप कार्यालय में अधिकारियों और कर्मचारियों की बैठक ली। करीब एक घंटे तक चली बैठक में डीएमसी और एसडीएम ने नप अधिकारियों और कर्मचारियों की जमकर खिंचाई की। अधिकारियों ने कहा कि नगर परिषद में जानबूझकर फाइलों को लटकाया जा रहा है। यहां पर करीब 150 फाइल पेंडिंग है।
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डीएमसी और एसडीएम ने मौके पर प्रॉपर्टी आईडी की फाइलों को मंगवाया। जांच में 110 फाइलें पेंडिंग मिली। इसको लेकर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को फटकार लगाई गई। दोनों अधिकारियों ने आदेश दिए कि सिंगल विंडो सिस्टम करके इन फाइलों को निपटाया जाए। अगर किसी फाइल पर आपत्ति है तो उस फाइल को संबंधित आवेदनकर्ता को बुलाकर आपत्ति दूर करवाई जाए और जो फाइल पूरी हो चुकी है उसे अनुमति के लिए डीएमसी कार्यालय में भेजा जाए। बैठक में नगर परिषद ईओ अरविंद बाल्याण, कार्यकारी अभियंता अमित कौशिक, एमई सुमित चोपड़ा, मुख्य सफाई निरीक्षक मुकेश शर्मा समेत अन्य कर्मचारी मौजूद थे।
200 गज क्षेत्र की प्रॉपर्टी आईडी अब ईओ कर सकेगा जारी
प्रॉपर्टी आईडी को लेकर अब सभी फाइल जिला नगर आयुक्त कार्यालय में नहीं जाएंगी। 200 गज क्षेत्र तक अगर किसी ने प्रॉपर्टी आईडी के लिए आवेदन किया है तो उसे नप अपने स्तर पर जारी कर सकेगा। पहले नगर परिषद में सभी कार्यवाही पूरी होने के बाद अंतिम अनुमति के लिए फाइल डीएमसी कार्यालय में भेजी जाती थी। लेकिन 200 गज क्षेत्र तक की छूट दे दी है।
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स्थायी कर्मचारी ही कर सकेंगे प्रॉपर्टी आईडी का काम
बैठक में डीएमसी और एसडीएम ने नप अधिकारियों को सख्त आदेश दिए कि प्रॉपर्टी आईडी का काम स्थायी कर्मचारी ही करेंगे। जिम्मेदारी तय की जाए। आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की मदद ले सकते हैं लेकिन उन्हें जिम्मेदारी न दी जाए।
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