फतेहाबाद। जिले की अनाज मंडियों में रबी की फसलों की खरीद जल्द आरंभ होने वाली है। मगर अभी तक सभी 51 खरीद केंद्रों पर फसलों के उठान व स्टॉक को लेकर कोई भी एजेंसी सामने नहीं आई है। प्रशासन व ठेकेदारों में टेंडरों डाले गए रेट को लेकर ठन गई है। ऐसे में कोई भी एजेंसी या ठेकेदार टेंडर लेने को राजी नहीं है।
जिले में प्रमुख फसलाें में इस बार साढ़े चार लाख एकड़ में गेहूं व 37848 एकड़ में सरसों की फसल की बिजाई हुई है। सरसों की फसल की लगभग कटाई हो चुकी है और फसल मंडियाें में आने लगी हैं। सरसों की फसल की खरीदारी के लिए फतेहाबाद, भूना व भट्टू कलां की अनाज मंडियों को अधिकृत किया गया है। वहीं, गेहूं की फसल जिले की अनाज मंडियों सहित 51 खरीद केंद्रों पर खरीदी जाएगी। सरसों की सरकारी खरीद तो इसी माह 26 मार्च से आरंभ होने जा रही है। वहीं 1 अप्रैल से गेहूं की खरीद का शेड्यूल जारी किया गया है।
फसल खरीद को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तो शुरू हो गई हैं, लेकिन अभी तक लेबर व ट्रांसपोर्टेशन का टेंडर नहीं हो पाया है। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने पिछले माह इसके टेंडर लगाए थे, लेकिन अधिकांश ठेकेदारों ने इस बार टेंडरों पर ध्यान नहीं दिया। इसके बाद मार्च के प्रथम माह में टेंडर लगाए गए, लेकिन रेट अधिक होने के कारण उठान व स्टॉक करने के लिए एजेंसियों ने फिर से इन टेंडरों को दरकिनार कर दिया। अब तीसरी बार खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक विभाग को 51 खरीद केंद्रों के लिए टेंडर लगाना पड़ा है।
टेंडर नहीं लगे तो जाम की स्थिति से जूझेंगे व्यापारी और किसान
इसके अलावा दो केंद्रों पर लेबर के टेंडर भी नहीं हो पाए हैं। अगर टेंडर इस बार भी नहीं हो पाए, तो जाहिर है कि अनाज मंडियों में फसल तो आएगी। एजेंसियों व व्यापारियों द्वारा खरीद भी की जाएगी। मगर समय पर उठान नहीं होने के कारण मंडियों में जाम की स्थिति पैदा हो जाएगी। इसके कारण किसानों से लेकर व्यापारियों तक को परेशानी झेलनी पड़ेगी। वहीं, मंडी में तनावपूर्ण स्थिति बनने की भी आशंका रहेगी।
कोट
इस बार ट्रांसपोर्टेशन व लेबर के टेंडर लगाए गए थे, कई निविदाएं नहीं आई हैं। तीसरी बार निविदाएं ऑनलाइन डाली गई हैं और जल्द ही सभी टेंडर पूरे हो जाएंगे।
-विनीत जैन, डीएफएससी, फतेहाबाद