गांव रताखेड़ा में किसान आंदोलन के समर्थन को लेकर ग्रामीणों की पंचायत हुई। इस पंचायत में आगामी 7 फरवरी से ट्रैक्टर-ट्राली द्वारा दिल्ली में जत्थे भेजने का फैसला किया गया। इस फैसले के साथ ग्रामीणों ने निर्णय लिया कि प्रत्येक जत्थे में कम से कम पांच गांव के व्यक्ति जाएंगे और उपरोक्त जत्थेे के वापस आने के पश्चात दूसरा जत्था रवाना होगा।
ग्रामीणों की हुई पंचायत के दौरान अलग-अलग जत्थे के लिए कमेटियां बनाई गई और दिल्ली में किसान आंदोलन को समर्थन करने हेतु कार्यक्रम भी तैयार किया गया। पंचायत की विशेष जानकारी देते हुए ग्रामीणों ने बताया कि पहला जत्था सुभाष खिलेरी, दूसरा जत्था सतपाल गोदारा फल्कू, तीसरा जत्था डा. राजू, चौथा जत्था मोहन भांभू, पांचवां जत्था देवराज व सीताराम, छठा जत्था चंद्रमोहन सिहाग तथा सातवां जत्था राज कुमार बैनीवाल के नेतृत्व में दिल्ली जाएगा। उन्होंने बताया कि एक जत्थे में कम से कम पांच गांव से किसान जाएंगे, अगर इससे ज्यादा होंगे तो वह भी जत्थेे के साथ रवाना होंगे।
उन्होंने बताया कि जो जत्था पहले दिल्ली में किसान आंदोलन में समर्थन करने के लिए पहुंचेगा और उसके वापस आने के उसी दिन ही गांव से दूसरा जत्था रवाना होगा। आज की पंचायत के दौरान ग्रामीणों ने खुले तौर पर किसान आंदोलन का समर्थन किया और सरकार से तीन अध्यादेश कानून को वापस लेने का आह्वान भी किया। आज की पंचायत में एक अन्य विशेष कमेटी का भी गठन किया, जो कल से ही गांव में घर-घर जाकर किसान आंदोलन के लिए चंदा एकत्रित करेगी। गठित इस कमेटी में मोहन भांबू, सतपाल गोदारा, सुधीर गोदारा, विनोद जानी, देवराज, कीमत लाल, राज कुमार बैनीवाल व डाक्टर राजू को शामिल किया गया है।