फतेहाबाद। नगर परिषद द्वारा शहर में अतिक्रमण हटाने को लेकर रोजाना अभियान चलाया जा रहा है। इसका सीधा असर सबसे ज्यादा रेहड़ी संचालकों पर पड़ रहा है। हालात ये है कि नगर परिषद रेहड़ी लगाकर कार्यालय में जाते है तो पीछे वापस वहीं रेहड़ियां लग रही हैं।
वजह ये है कि नगर परिषद प्रशासन सर्वे के 6 साल बाद भी स्ट्रीट वेंडिंग जोन नहीं बना पाया है। सर्वे सिर्फ कागजों में घूम रहा है। अधिकारी 60 लाख रुपये का एस्टीमेट बनाकर मुख्यालय में मंजूरी के लिए भेजने का दावा कर रहे हैं लेकिन धरातल पर कोई काम होता नजर नहीं आ रहा है। यहां तक पिछले दिनों रेहड़ी संचालकों ने मुद्दा उठाया था तो तत्कालीन ईओ सुरेंद्र कुमार जगह को लेकर कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए थे।
बता दें कि सरकार ने राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत योजना बनाई कि शहरों में जितने भी स्ट्रीट वेंडर्स है पहले उनकी पहचान की जाए। उसके बाद उन्हें जगह उपलब्ध करवाई जाए। वर्ष 2019 में नोएडा की रूद्धा कंपनी ने जिले में सर्वे किया। यह सर्वे फतेहाबाद, टोहाना, जाखल, भूना व रतिया शहर में किया गया था।
-सर्वे में ये मिल चुके हैं स्ट्रीट वेंडर्स
शहर स्ट्रीट वेंडर्स
फतेहाबाद 750
टोहाना 343
रतिया 181
जाखल 138
भूना 133
- नगर परिषद को शेड लगाकर उपलब्ध करवानी है जगह
राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत सर्वे के बाद नगर परिषद को जगह का चयन करके वहां पर शेड, शौचालय, पानी की व्यवस्था, डस्टबिन की सुविधा दी जानी है। लेकिन अभी तक जगह ही फाइनल नहीं हो पाई है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि पुरानी अनाजमंडी के पीछे, नई सब्जी मंडी और पुराना बस स्टैंड के पीछे जगह का चयन करके करीब 60 लाख रुपये का एस्टीमेट बनाकर भेजा चुका है। मंजूरी मुख्यालय की तरफ से दी जानी है।
- फतेहाबाद शहर में यहां लग रही है रेहड़ियां
-हंस मार्केट
- महाराजा अग्रसैन चौक
-पुराना बस स्टैंड के पीछे
-लाजपत नगर चौक
-शिवालय मार्केट के सामने
- भट्टू रोड पर जनस्वास्थ्य विभाग कार्यालय के पास
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राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है। प्रपोजल सरकार को पहले भेजा जा चुका है। वहीं से इसे मंजूरी मिलनी है। बाकी सोमवार को इस संबंध में रिपोर्ट ली जाएगी।
- राजेंद्र सोनी, ईओ, नगर परिषद, फतेहाबाद।