रतिया। नगर पालिका में विकास कार्यों में अनियमितताओं और वित्तीय गड़बड़ियों की शिकायतों पर सोमवार को सीएम फ्लाइंग हिसार की टीम ने छापा मारा। डीएसपी विक्रमजीत सिंह भादू के नेतृत्व में पहुंची टीम ने कार्यालय के रिकॉर्ड की जांच की और शहर में चल रहे तथा पूर्ण हो चुके कई विकास कार्यों का मौके पर निरीक्षण किया।
नगर पालिका के कुछ पार्षदों ने मुख्यमंत्री कार्यालय में शिकायत भेजकर पिछले चार वर्षों में करोड़ों रुपये के कथित घोटालों के आरोप लगाए थे। शिकायत में कचरा उठान कार्य में फर्जीवाड़ा, बिलिंग में गड़बड़ी, निर्माण कार्यों में घटिया सामग्री के उपयोग और फर्जी भुगतान जैसे गंभीर आरोप शामिल थे। शिकायत में कचरा उठान के नाम पर सीमित अवधि में जेसीबी और ट्रैक्टर-ट्रॉली चलाकर एक करोड़ रुपये से अधिक का बिल तैयार किया गया जबकि बड़ी मात्रा में कचरा मौके पर ही मौजूद बताया गया। इसमें 87 लाख रुपये के भुगतान में फर्जी हस्ताक्षर की आशंका भी जताई गई है।
इसके अलावा कम्युनिटी सेंटर में लगभग सात लाख रुपये के पौधरोपण बिल दिखाए जाने का दावा किया गया जबकि मौके पर पौधे नहीं पाए गए। इसी परिसर में डी-प्लान के तहत लगभग पांच लाख रुपये की लागत से बने बैडमिंटन कोर्ट में पेड़ खड़े होने और घटिया निर्माण सामग्री उपयोग किए जाने की बात सामने आई।
बुढलाडा रोड पर 73 लाख रुपये की लागत से बनने वाला बरसाती नाला एक वर्ष बाद भी अधूरा मिला और निर्माण गुणवत्ता पर सवाल उठे।इस कार्रवाई के सीएम फ्लाइंग स्क्वायड के राजेश कुमार, एसआई राजेश, जितेंद्र, लोक निर्माण विभाग के एसडीओ विजय शर्मा, जेई सुनील, जेई सचिन सहित नगर पालिका के कर्मचारी मौजूद रहे।
आरोप- पुरानी सड़कों को उखाड़कर नया कार्य दिखाया
नई कॉलोनियों में पांच करोड़ रुपये की लागत से सड़क निर्माण कार्य की योजना थी लेकिन आरोप है कि पुरानी सड़कों को ही उखाड़कर नया कार्य दिखाया गया। विभिन्न स्थानों पर विकास कार्यों में अनियमितताओं की जांच के लिए टीम ने सहनाल रोड, लाली रोड कचरा डंपिंग प्वाइंट, शहीद देवेंद्र सिंह पार्क, जाखन दादी कचरा डंपिंग स्थल, बुढलाडा रोड निर्माणाधीन नाला, कम्युनिटी सेंटर, संजय गांधी चौक और भगत सिंह चौक का निरीक्षण किया।
जवाबों से संतुष्ट नहीं हुई टीम
टीम ने टोहाना रोड और मंडी रोड पर डिवाइडर निर्माण तथा वार्ड नंबर 5, 12 और 13 में चल रहे सड़क कार्यों का भी जायजा लिया। मौके पर नगर पालिका सचिव शुभम कुमार, कनिष्ठ अभियंता नरेंद्र कुमार और प्रदीप कुमार से पूछताछ की गई। जवाबों से टीम संतुष्ट नहीं दिखी। डीएसपी विक्रमजीत सिंह भादू ने बताया कि प्रारंभिक निरीक्षण किया गया है और सभी विकास कार्यों का चार वर्षों का रिकॉर्ड मांगा गया है। रिकॉर्ड मिलने के बाद विस्तृत जांच की जाएगी और रिपोर्ट उच्चाधिकारियों व सरकार को सौंपी जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि किसी नागरिक के पास भी शिकायत है तो वह सीधे टीम को जानकारी दे सकता है।
रतिया बरसाती नाले के निर्माण कार्य चेक करते हुए टीम के सदस्य :संवाद