भूना। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भूना में यौन उत्पीड़न व भ्रष्टाचार के आरोप के मामले को लेकर मंगलवार को कुछ लोगों ने महापंचायत बुलाई। सीएचसी गेट के बाहर टेंट लगाया गया। हालांकि, महापंचायत में मात्र 10-15 लोग ही पहुंचे थे, तभी सीएचसी काफी संख्या में स्टाफ नर्सों ने टेंट में पहुंचकर महापंचायत में बैठे लोगों के खिलाफ जमकर हंगामा शुरू कर दिया। स्टाफ नर्सों ने एडवोकेट सुशील कुमार, राजबीर सोनी, भीम सिंह झिंझर व जयविंद्र को खरी- खोटी सुनाई। टेंट के परदे व बैनर फाड़ दिए गए। स्टाफ नर्सों ने कहा कि सीएचसी में यौन शोषण के आरोप लगाकर पूरी महिलाओं को अपमानित किया गया है। अगर किसी डॉक्टर ने ऐसे आरोप लगाए हैं तो उन्हें सीधा पुलिस स्टेशन में जाना चाहिए था। मगर पूरे स्टाफ को बदनाम करने का अधिकार किसी को नहीं है।
आपके घर में बहन-बेटियां नहीं हैं क्या...
स्टाफ नर्सों ने महापंचायत में शामिल लोगों से सवाल किया कि आपके घर में बहन-बेटियां नहीं हैं क्या। यौन शोषण के आरोप मीडिया में आकर लगाने से उनके साथ क्या बीत रही है, इसका किसी को पता है। उन्होंने कहा कि यौन शोषण जिसके साथ हुआ है, उसका खुलकर नाम लिया जाए। परंतु पूरे सीएचसी केंद्र की महिलाओं को बदनाम करने की जरूरत नहीं है। नर्सों के विरोध के बाद महापंचायत में शामिल लोग मौके से खिसक गए और नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर लौट गए।
यह है मामला
बता दें कि कुछ दिन पहले ही आम आदमी पार्टी के नेता एडवोकेट सुशील कुमार ने फतेहाबाद में प्रेस कांफ्रेंस कर बताया था कि सीएचसी केंद्र भूना में यौन उत्पीड़न एवं भ्रष्टाचार चर्म सीमा पर है। इसकी उच्च स्तरीय जांच की जाए। मगर संबंधित एसएमओ व अन्य लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होने के कारण मंगलवार को बड़ी महापंचायत रखी गई थी। महापंचायत में सुबह से लेकर दोपहर तक 10-15 लोग ही शामिल हुए। इनमें मात्र बहुजन समाज पार्टी के कप्तान बौद्ध को छोड़कर भूना का कोई निवासी नहीं था, बाकी दूसरे गांवों के लोग थे।
नायब तहसीलदार को मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
यौन उत्पीड़न एवं भ्रष्टाचार के खिलाफ मंगलवार को नायब तहसीलदार के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भेजा गया। एडवोकेट सुशील कुमार, राजबीर सोनी, भीम सिंह व जयविंद्र मेचू ने सीएचसी केंद्र के एसएमओ, क्लर्क को निलंबित करके मुकदमा दर्ज करने की मांग रखी। उन्होंने पूरे प्रकरण की जांच करके आरोपियों के खिलाफ शीघ्र कार्रवाई करने की भी मांग की।
स्टाफ नर्सों ने महिला आयोग व डीसी को शिकायत देकर मुकदमा दर्ज करने की मांग की
स्टाफ नर्स सुमन दहिया, कमलेश देवी, सुमन सेठी तथा अंजू सहित समस्त महिला स्टाफ ने डीसी व महिला आयोग को पत्र लिखकर सीएचसी केंद्र की महिलाओं को सोशल मीडिया में यौन उत्पीड़न जैसी भ्रामक बात फैलाकर बदनाम करने के मामले में एडवोकेट सुशील कुमार, राजबीर सोनी व 5-7 अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।
सीएचसी के मुख्य गेट पर लाउडस्पीकर से कुछ लोग केंद्र में महिलाओं के साथ यौन शोषण का आरोप लगा रहे थे। इसलिए स्टाफ नर्स व अन्य महिला कर्मचारियों ने भाषण देने वाले लोगों से जाकर कहा कि आप यौन शोषण की शिकार महिला का नाम लें, मगर समस्त महिला कर्मचारियों को बदनाम करना बंद करें। महिला स्टाफ ने लाउडस्पीकर चलाने वाले लोगों से सवाल जवाब किए तो वे खिसक गए।
डॉ. सुशील कुमार, एसएमओ, सीएचसी भूना