फतेहाबाद की पुरानी अनाज मंडी में दुकानों के बाहर लगी धान की ढेरियां। संवाद
फतेहाबाद। जिले में इन दिनों धान की कटाई का काम अंतिम चरण पहुंच गया है। हालांकि परमल धान की कटाई का काम लगभग पूरा हो चुका है, लेकिन बासमती धान की कटाई का काम अभी अधूरा है। इससे पिछले एक सप्ताह से अनाज मंडियों में परमल धान की आवक कम हो चुकी है। बासमती धान की आवक में तेजी आई है। अब तक अनाज मंडियों में बासमती धान की खरीद 10,02,297 क्विंटल हो चुकी है।
जिले में इस बार धान की बिजाई करीब साढ़े तीन लाख एकड़ में की गई थी, जिसमें से 90 हजार एकड़ में परमल धान की रोपाई हुई थी। बासमती धान की रकबा अधिक होने के कारण इसकी मंडियों में आवक भी अधिक है। इससे बार अनाज मंडियों में धान की खरीद अधिक हुई है। पिछले साल अब तक अवधि के अनुसार खरीद 669081 क्विंटल थी जबकि इस बार यह आंकड़ा 10,02,297 क्विंटल है।
सरकार की ओर से केवल परमल धान की खरीद ही एमएसपी पर की जाती है। ऐसे में अब बासमती धान की खरीद निजी व्यापारियों की ओर से की जा रही है। लेकिन व्यापारियों की ओर से की जा रही मनमानी से किसानों और मंडी प्रशासन को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मंडियों में बीच रास्तों पर धान की ढेरियां लग रही है और धान की समय पर तुलवाई नहीं की जा रही है। इससे मंडी की खरीद व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
शहर की पुरानी अनाज मंडी में पहुंचे किसान दलीप, भगतराम, लीलूराम और राेहतास आदि ने बताया कि मंडी में गेट से लेकर अंत तक ट्रैक्टरों की कतार लगी हुई है। ऐसे में ट्रॉली से धान की खाली करने के लिए जद्दोजहद करनी पड़ रही है। अगर फसल में नमी की मात्रा ज्यादा हो तो सुखाने के लिए जगह नहीं मिल पाती है।
:: अनाज मंडी में फिलहाल परमल और बासमती धान दोनों की आवक जारी है। मंडी में सफाई व्यवस्था व खरीद व्यवस्था की समय- समय पर जांच की जा रही है। जिन किसानों ने परमल धान की रोपाई की हुई है। उनसे अपील है वे परमल धान की फसल जल्द मंडी में लेकर आएं।
यशपाल मेहता, सचिव मार्केट कमेटी, फतेहाबाद।