टोहाना। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के 12वीं कक्षा के जारी परीक्षा परिणाम में डांगरा रोड स्थित मॉडल केएम स्कूल के विद्यार्थी चंचल ने नॉन मेडिकल संकाय में 492 अंक लेकर प्रदेश में टॉप टेन में रहा है। इसके अलावा नॉन मेडिकल विषय में दूसरा स्थान हासिल किया है।
गांव समैन निवासी चंचल के पिता भीम सिंह हिसार के निजी अस्पताल में डॉक्टर के सहायक के तौर पर कार्य करते है जबकि माता सुदेश रानी गृहिणी हैं। छात्र की इस उपलब्धि से स्कूल में और क्षेत्र में खुशी का माहौल रहा। स्कूल में पहुंचने पर चंचल का प्रिंसिपल रणधीर पूनियां, अजमेर सिंह, बहुगुणा व स्टाफ ने बधाई दी।
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स्कूल देगा स्कूटी
प्रिंसिपल रणधीर पूनिया ने बताया कि चंचल ने अपनी मेहनत के बल पर प्रदेश में पांचवां स्थान हासिल किया है। उसकी इस उपलब्धि पर चंचल को स्कूटी प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा। प्रिंसिपल के अनुसार स्कूल में बच्चों के साप्ताहिक टेस्ट लिए जाते हैं जिसके बाद डाउट क्लियर करने के लिए अलग से कक्षाएं लगाई जाती हैं।
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खुद से कभी झूठ मत बोलो, सोशल मीडिया सिर्फ जानकारी के लिए प्रयोग करें : चंचल
चंचल ने बताया कि इंसान को कभी खुद से झूठ नहीं बोलना चाहिए। इसी थ्योरी पर चलकर यह सफलता हासिल की है। स्कूल से घर जाने के बाद करीब साढ़े चार घंटे पढ़ाई करता था और अब हिसार में आईआईटी की तैयारी कर रहा है। चंचल का लक्ष्य सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनना है। चंचल ने बताया कि जब भी पढ़ाई करते समय दिमाग पर तनाव बढ़ता तो वह क्रिकेट खेलने जाता था। चंचल ने इसी स्कूल में दसवीं की पढ़ाई करते हुए 493 अंक लेकर प्रदेश में छठा स्थान हासिल किया था। चंचल के अनुसार सोशल मीडिया को सिर्फ सूचना के लिए प्रयोग में किया। उसकी इस सफलता में माता पिता, स्कूल का सहयोग रहा है।
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भाई भी रहा था टॉपर
चंचल ने बताया कि उसके भाई मयंक ने पिछले साल बारहवीं में इसी स्कूल में नॉन मेडिकल में प्रदेश में स्थान हासिल किया था जो अब बीटेक कंप्यूटर साइंस कर रहा है। चंचल के अनुसार उसके परिवार में ताऊ व चाचा भी इंजीनियर है, उन्हीं से प्रेरणा लेकर वह आगे बढ़ रहा है।
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स्कूल में जो सिखाया उस पर ध्यान दें
चंचल की माता सुदेश ने कहा कि उन्होंने दोनों बेटों को यही सिखाया कि स्कूल में जो भी पढ़ाया जाए उसे ध्यान से पढ़ो फिर घर आकर उसे रिवाइज करो। सुदेश ने बताया कि यदि बच्चों को कुछ नहीं समझ आता तो उन्हें स्कूल में पूरा सहयोग मिलता था।