सितंबर के आखिरी सप्ताह में नमी व वातावरण में गर्मी से आमजन मानस का जीना मुहाल हो गया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, तापमान में लगातार हो रही बढ़ोतरी और मानसूनी सिस्टम ना बनने से पिछले 15 दिनों से मौसम साफ हो साफ होने के कारण सूर्य की किरणें तेज हो गई है। जिस कारण वातावरण में नमी व तापमान में बढ़ोतरी हो छिटपुट बूंदाबांदी के आसार है। जिसके बाद तापमान में गिरावट आएगी। मंगलवार को फतेहाबाद का अधिकतम तापमान 35 डिग्री व न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
करीब 15 दिनों से यहां भीषण गर्मी व उमस से लोग पसीने से तरबतर हो रहे हैं। पहले मानसून में बारिश की कमी व अब कई दिनों से बारिश ना होने के कारण गर्मी व उमस से लोग बेहाल है। हिसार स्थित मौसम विभाग के अध्यक्ष एमएल खिचड़ के अनुसार, तापमान में लगातार हो रही बढ़ोतरी व मानसूनी सिस्टम न बनने से मौसम में नमी बढ़ती जा रही है। नमी के साथ तापमान में बढ़ोतरी का कारण सूर्य की किरणें बढ़ना बताया गया है। पहले मानसून में बारिश की कमी व मौसम साफ रहने से सूर्य की किरणों के कारण तापमान में बढ़ोतरी हो रही है। एमएल खिचड़ के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में नमी आने के कारण उत्तर पश्चिमी हरियाणा बुधवार व वीरवार को बूंदाबांदी के आसार है। उसके बाद रात के तापमान में गिरावट आएगी। दो-तीन दिन बाद दिन के तापमान में भी गिरावट आनी शुरू हो जाएगी। जिससे आमजन मानस को राहत मिलेगी। इस उमस भरे वातावरण व गर्मी से धान की फसल को भी नुकसान बताया जा रहा है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, धान की फसल में पानी सूख रहा है और किसानों को मजबूरन पानी लगाना पड़ रहा है इसके बावजूद भी धान की फसल पर फल पक नहीं रहा। नरमा की फसल पहलेे ही सफेद मक्खी से खराब हो गई है। बता दें कि जब तक धान की सफल पीली पड़कर उसका झाड़ मोटा नहीं होता तब तक किसान इसका फल अच्छा नहीं समझते। अब इस मौसम से धान की फसल की पैदावार पर भी असर पड़ने की आशंका बन गई है।