केंद्र सरकार द्वारा संसद में पारित करवाए गए तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ कांग्रेस ने लघु सचिवालय के बाहर धरना दिया और नारेबाजी करते हुए राष्ट्रपति के नाम एडीसी अजय चोपड़ा को ज्ञापन सौंपा।
इस दौरान परमवीर सिंह ने कहा कि देश के इतिहास में किसान को खत्म करने के लिए यह कानून लागू किया है। उन्होंने कहा कि किसान देश का अन्नदाता है और देश की भाजपा सरकार अब किसान को खत्म करने पर तुली है। पूर्व विधायक प्रहलाद सिंह गिल्लांखेड़ा ने कहा कि जब जब देश में भाजपा की सरकार बनी है पूंजीपतियों को हमेशा ही लाभ पहुंचाया गया है। गिल्लांखेड़ा ने कहा कि यदि सरकार कह ही रही है कि यह अध्यादेश किसानों को फायदा पहुंचाने के लिए है तो सरकार तीन के साथ एक और अध्यादेश पारित करे कि किसान को उसकी फसल का दाम मंडी के बाहर भी एमएसपी पर मिलेगा। यदि कोई एजेंसी व प्राइवेट खरीदार किसान की फसल को एमएसपी से कम पर खरीदेगा तो सजा का प्रावधान होगा।
पूर्व विधायक जरनैल सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार सत्ता के नशे में चूर होकर इन अध्यादेशों को लागू कर देश के विकास को पीछे क रही है। इस अवसर पर राष्ट्रीय कांग्रेस के मीडिया सचिव विनित पूनिया, निहाल सिंह मताना ने भी विचार रखे।
इस मौके पर महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष कृष्णा पूनिया, मुखत्यार सिंह सदर, दलबीर जांडली, ब्लॉक कॉर्डिनेटर गोपाल चौधरी,पूर्व चेयरमैन हरजंट सिंह, आनंदवीर सिंह गिल्लांखेड़ा, कर्मचारी नेता पूनम रत्ती, पूर्व सरपंच चौथा राम, पूर्व सरपंच सोहनलाल, पूर्व सरपंच सीताराम, पूर्व सरपंच संतलाल जांगू, रमेश दैयड़, हनुमान पोटलिया, सुधीर गोदारा, सुधीर धारनियां, रामेश्वर पारता, दिलशेर सिंह, पूर्व सरपंच साहब राम, सुरेश झांब, बलदेव महमदकी, मंगतराम लालवास, बलदेव सिंह, बलजिंद्र ठरवी, शमशेर समैण, अनिल समैण, बलजीत सिंह सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।