फतेहाबाद। शहर की छोटी सरकार चुनी जा चुकी है और पहली बार मतदान के द्वारा नप चेयरमैन चुना गया है। नगर परिषद के नवनिर्वाचित चेयरमैन राजेंद्र खिंची के लिए शहर में बिगड़ी व्यवस्थाओं को सुधारना आसान नहीं होगा। कई चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। शहर में सफाई व्यवस्था, स्ट्रीट लाइटें, सार्वजनिक शौचालयों की सफाई, टूटी सड़कें ठीक करवाना, प्रॉपर्टी आईडी व्यवस्था सुधारना चुनौतीपूर्ण रहेगा। दो साल से शहर में स्ट्रीट लाइटें नहीं लगी है और नए सार्वजनिक शौचालयों को बनाने का प्रस्ताव डेढ़ साल से सिरे नहीं चढ़ा है।
वजह ये भी है कि पिछले कार्यकाल में चेयरमैन रहे दर्शन नागपाल का पार्षदों और अधिकारियों के साथ खींचतान रहना है। पार्षद कई बार मिलकर चेयरमैन रहे दर्शन नागपाल को पद से हटाने तक का प्रयास कर चुके थे। इसी खींचतान के चलते शहर में कई प्रोजेक्ट सिरे ही नहीं चढ़ पाए। हालांकि इस बार मतदान के द्वारा चेयरमैन चुना गया है, इसके चलते 27 वार्डों के पार्षदों का दबाव नहीं रहेगा।
सफाई व्यवस्था
नगर परिषद सफाई व्यवस्था को लेकर सुर्खियों में रहा है। शहर में बनाए गए डंपिंग साइट से कचरा न उठने के कारण ढेर लगे रहते हैं। इसके अलावा वार्डों में डोर टू डोरा कचरा उठान भी रोजाना नहीं हो पा रहा है। नप के पास 13 गाड़ियां हैं जबकि वार्ड 27 है। नप में शामिल हुई नई कॉलोनियों में अब तक सफाई शुरू नहीं हो पाई है और न ही कचरा उठान हो पा रहा है। पिछले पांच सालों की बात करें तो नप ने कचरा उठान को लेकर टेंडर लगाया लेकिन सिरे नहीं चढ़ पाया। नप के पास कर्मचारी और साधन पर्याप्त नहीं है। करीब 30 कर्मचारी अफसरों की कोठियों में काम कर रहे हैं।
स्ट्रीट लाइट
शहर में पिछले दो साल से स्ट्रीट लाइटें नहीं लगी है। यहां तक कि भट्टू रोड, रतिया रोड, भूना रोड पर सोडियम लाइटें लगी है जो कि खराब हो चुकी है और न ही बदली जा रही है। नगर निकाय नप को अपने स्तर पर स्ट्रीट लाइटें लगाने को रोक लगा चुका है। करीब चार हजार स्ट्रीट लाइटें बनाने का प्रस्ताव तैयार किया गया था, जो कि सिरे नहीं चढ़ पाया।
सड़कें
शहर के पॉश इलाके में कई सड़कें ऐसी है जो कि टूटी हुई है। मॉडल टाउन क्षेत्र भी इसमें शामिल है। इसके अलावा माजरा रोड पर सड़क निर्माण का काम बीच में रुका हुआ है। नहर कॉलोनी में सड़कों का पुननिर्माण होना है जो कि प्रस्ताव बीच में ही रुका हुआ है। हालांकि नप ने टेंडर लगाए थे, सिरे भी चढ़ने वाले थे लेकिन चुनाव घोषणा से बीच में लटक गए।
बारिश पानी निकासी
शहर के धर्मशाला रोड, जवाहर चौक, भट्टू रोड, तुलसीदास चौक, मॉडल टाउन क्षेत्र में बारिश पानी निकासी गंभीर समस्या है। दो सालों से धर्मशाला रोड मुख्य मुद्दा बना हुआ है लेकिन अभी तक समाधान नहीं हो पाया है। बारिश पानी निकासी का प्रबंध करवाना मुख्य मुद्दा रहेगा।
प्रॉपर्टी आईडी
नगर परिषद में प्रॉपर्टी आईडी का विवाद भी पुराना है। प्रॉपर्टी आईडी का काम ऑनलाइन होने के बावजूद लोगों की फाइलें समय पर नहीं निपट पा रही है। रिकॉर्ड में गलतियों के कारण प्रॉपर्टी आईडी को लेकर नप सुर्खियों में रहा है और कई बार विवाद हो चुका है।
रेहड़ी संचालकों को जगह मुहैया करवाना
नगर परिषद पांच सालों में रेहड़ी संचालकों को जगह मुहैया नहीं करवा पाया है। सर्वे भी हुआ है लेकिन आज तक नप रेहड़ी संचालकों को स्थायी जगह नहीं दे पाया है। इसके अलावा न ही कोई प्रबंध किए गए हैं।
सार्वजनिक शौचालय
शहर के सार्वजनिक शौचालयों की सफाई का मुद्दा भी गंभीर है। शौचालयों की समय पर सफाई नहीं हो पा रही है। ये ही नहीं कई शौचालय तो बंद पडे है। नप सुलभ शौचालय शुरू करने का प्रस्ताव बना चुका है लेकिन सिरे नहीं चढ़ पाया है। इसके अलावा शहर में नए शौचालय बनाने का प्रस्ताव भी था लेकिन आज तक सिरे नहीं चढ़ा है।
पार्षद फर्जी काम करवाना चाहते थे : पूर्व चेयरमैन
पिछले कार्यकाल में पार्षदों का मेरे ऊपर बहुत दबाव था। पार्षद मेरे से फर्जी काम करवाना चाहते थे, मैं होने नहीं देना चाहता था। ये ही कारण है कि पार्षदों ने काम नहीं करने दिया। अब नवनिर्वाचित चेयरमैन के साथ एक्सपीरियंस शेयर करूंगा और साथ भी दूंगा।
-दर्शन नागपाल, पूर्व चेयरमैन, नगर परिषद
बढ़िया काम करूंगा, अभी नया हूं : नवनिर्वाचित चेयरमैन
शहर के लिए बढ़िया होगा और बढ़िया काम करूंगा। अभी मैं नया हूं। प्राथमिकता के तौर पर सभी समस्याओं का समाधान करवाया जाएगा।
-राजेंद्र खिंची, नवनिर्वाचित चेयरमैन