जानकारी देते हुए पार्षद गुरप्रीत गोपी व अन्य। संवाद
रतिया। नगर पालिका में शुक्रवार को चेयरपर्सन प्रतिनिधि महेश खन्ना उर्फ कालू और वार्ड 14 के पार्षद गुरप्रीत गोपी के बीच विवाद हो गया। इसका कारण महेश का चेयरपर्सन की कुर्सी पर बैठना बताया जा रहा है। दोनों के बीच हाथापाई तक नौबत आ गई माैके पर मौजूद लोगों ने बीच-बचाव कर मामला शांत करवा दिया। इसके बाद गुरप्रीत गोपी पक्ष के पार्षदों ने नगर पालिका सचिव को शिकायत देकर चेयरपर्सन प्रतिनिधि पर गाली गलौज और धमकी देने के आरोप लगाते हुए शिकायत दी। पार्षदों ने कहा कि नगर पालिका की चेयरपर्सन प्रीति खन्ना हैं। अक्सर उनके पति महेश खन्ना चेयरपर्सन की कुर्सी पर बैठे रहते हैं जो कि सरासर नियमों के विरुद्ध है।
पार्षदों के अनुसार नगरपालिका में चेयरपर्सन प्रतिनिधि महेश खन्ना उर्फ कालू शुक्रवार दोपहर को चेयरपर्सन के कमरे में उनकी कुर्सी पर बैठे हुए थे इसी दौरान कमरे में वार्ड 3 के पार्षद अजमेर सिंह व वार्ड 14 के पार्षद गुरप्रीत उर्फ गोपी पहुंच गए। जब उन्होंने महेश खन्ना को चेयरपर्सन की कुर्सी पर बैठे देखा तो एतराज जता दिया।
इस पर उनके बीच बात तू-तड़ाक तक पहुंच गई। दोनों ने एक दूसरे को देख लेने की धमकी भी दी। पार्षद गुरप्रीत, अजमेर सिंह, सतपाल सिंह, विजय कुमार, गौरव आदि ने आरोप लगाया कि चेयरपर्सन प्रतिनिधि उनकी कुर्सी पर गैर-कानूनी तरीके से बैठकर उनके साथ गाली गलौज करता है।
पार्षदों का आरोप है चेयरपर्सन प्रतिनिधि महेश ने उन्हें जातिसूचक गालियां दीं और जान से मारने की धमकी भी दी। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ दिन पहले भी इस मुद्दे पर नगर पालिका सचिव को विधायक जरनैल सिंह के माध्यम से ज्ञापन दिया था लेकिन सचिव ने इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की। इस बार कार्रवाई नहीं हुई तो वे शहरवासियों को साथ मिलकर आंदोलन करेंगे।
चेयरपर्सन प्रतिनिधि ने आरोप नकारे- कहा, कुछ पार्षद विपक्षी पार्टियों के, झूठी शिकायतें कर रहे
इस मामले में चेयरपर्सन प्रतिनिधि महेश खन्ना ने कहा कि पार्षद उनकी झूठी शिकायतें कर उन पर दबाव बना रहे हैं। उनके पास कुछ शिकायतें आई हैं। इसमें कुछ पार्षदों और कर्मचारियों की मिलीभगत की बात सामने आ रही है। इस बारे में वे सबूत एकत्रित कर रहे हैं। कुछ पार्षदों को डर है कि उनकी पोल जनता के सामने खुल जाएगी। इसी बात को लेकर कुछ पार्षद योजना के तहत चेयरपर्सन के कमरे में आए और उन पर बेवजह के आरोप लगाकर हमला करने का प्रयास किया, लेकिन वहां बैठे लोगों ने उनके प्रयास को विफल कर दिया। कुछ लोग प्रदेश सरकार के विकास कार्य को रोकना चाहते हैं। वे लोग चेयरपर्सन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाए और उसके बाद नगर पालिका कार्यालय पर तालाबंदी करने की भी कोशिश की।