रतिया। गांव हसंगा तहसील के खेतों में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड दिल्ली से आई टीम ने किसानों द्वारा किए जा रहे पराली प्रबंधन का निरीक्षण किया। निरीक्षण करने पहुंचे केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड दिल्ली के वैज्ञानिक डॉ. गोकुल कुमार व एडीओ कृषि अभियांत्रिकी विभाग फतेहाबाद डॉ. दीपक कुमार ने किसानों को पराली प्रबंधन के बारे में जानकारी दी।
वैज्ञानिकों ने किसानों से अपील करते हुए कहा कि किसान अपने खेतों में पराली प्रबंधन दो तरीके से कर सकते हैं। बेलर मशीन से गांठें बना कर व सुपर सीडर से धान के अवशेषों को जमीन में मिलाकर जमीन की उर्वरा शक्ति को बढ़ाकर फसल उत्पादन बढ़ाया जा सकता है। इस मौके पर उनके साथ प्रगतिशील किसान सूरजभान सिहाग, राजेंद्र सिंह, रोहतास, सुनील कुमार व गांव के अन्य किसान मौजूद रहे।