फतेहाबाद। उत्तराखंड के देहरादून में चल रहे राष्ट्रीय खेलों में गांव बोस्ती की पूजा ने 1.84 मीटर ऊंची छलांग लगाकर राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया है। गांव की बेटी के रिकार्ड के साथ स्वर्ण पदक जीतने के बाद गांव में खुशी का माहौल है। पूजा के कोच बलवान ने इस सफलता का श्रेय पूजा की मेहनत और उसके लगन को दिया है।
पूजा 10 साल की उम्र से ही गांव पारता में पारता स्पोर्ट्स एकेडमी में कोचिंग ले रही है। कोच बलवान पारता ने बताया कि गांव पारता और बोस्ती की दूरी 5 किलोमीटर है। इसके बावजूद पूजा सुबह और शाम दोनों समय नियमित रूप से कोचिंग लेने आती है। वह खेल के साथ बीपीएड भी कर रही है। पूजा के पिता हंसराज किसान हैं। वे उसकी भरपूर मदद करते हैं। उसका भाई बारहवीं कक्षा में पढ़ता है।
ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करना पूजा का सपना
इंटरनेशनल हाई जंपर पूजा ने फोन पर बातचीत में कहा कि वह कोच बलवान पारता के पास पारता स्पोर्ट्स एकेडमी पारता में ट्रेनिंग करती है। उसकी सफलता में परिवार के साथ ही प्रशिक्षकों की भी अहम भूमिका है। उसका लक्ष्य ओलिंपिक गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व करना है ।
ये हैं पूजा की उपलब्धियां
अंडर 18 में गोल्ड मेडल यूथ एशियन एथलेटिक्स प्रतियोगिता उज्बेकिस्तान
- सिल्वर मेडल अंडर 20 जूनियर एथलेटिक्स प्रतियोगिता 2023 साउथ कोरिया
- अंडर 14 पूजा गोल्ड मेडल हाई जंप 1.41 मीटर
- अंडर 16 पूजा गोल्ड मेडल 1.76 मीटर
एक दिन पहले छोटी बहन ने भाला फेंक में जीता गोल्ड, बड़ी ने ऊंची कूद में हासिल किया कांस्य पदक
फतेहाबाद जिले के ही गांव बनगांव की रहने वाली रेखा ने 1.77 मीटर की छलांग लगाकर राष्ट्रीय स्तर पर कांस्य पदक जीता है। गांव बनगांव की रहने वाली रेखा की छोटी बहन ज्योति ने भी कुछ दिन पहले 55. 55 मीटर जैवलिन थ्रो में स्वर्ण पदक जीता है। खिलाड़ी ज्योति के कोच हनुमान ने बताया कि रेखा व ज्योति दोनों गांव बनगांव की रहने वाली हैं। उनके पिता खेती-बाड़ी करते हैं। खिलाड़ी ज्योति ने मंगलवार को जैवलिन थ्रो में स्वर्ण पदक जीता था, दोनों बहनों ने गांव के साथ-साथ जिले का भी नाम रोशन किया है।