प्रजापिता ब्रहमाकुमारी द्वारा आयोजित अलविदा तनाव कार्यक्रम के दौरान उपस्थित गणमान्य। संवाद
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टोहाना। ब्रह्माकुमारी सेंटर में चल रहे अलविदा तनाव शिविर के चौथे दिन शनिवार को आनंद उत्सव सत्र में ब्रह्माकुमारी पूनम बहन ने मानव जीवन में परमात्मा की आवश्यकता का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि हर एक को जीवन में विपत्ति के समय सच्चा सहारा, सर्व संबंधों का प्यार, सात्विक आनंद, सुरक्षा का साथ चाहिए जो हम आत्माओं को परमात्मा से जुड़ने पर मिलता है।
इसके लिए हमें परमात्मा पिता का सच्चा परिचय चाहिए। उन्होंने बताया कि परमात्मा अजन्मा है लेकिन आत्मा जन्म मरण के चक्कर में आती है। परमात्मा अवतरित होते हैं लेकिन उनका पांच तत्वों का शरीर नहीं है वे सर्वशक्तिमान, पालन हार है। परमात्मा को पालना नहीं लेनी पड़ती, उनका कोई शिक्षक नहीं है वे स्वयं ज्ञान के सागर है और उनका कोई गुरु नहीं है।
बहन पूनम ने बताया कि हमें अपनी संपत्ति, साधन संबंधों से वास्तविक सुख शांति नहीं मिलती लेकिन परमात्मा से कनेक्ट होने से रियल शांति प्रेम और आनंद मिलता है। उन्होंने बताया कि परमात्मा बिंदी है इसलिए उन्हें शिव कहा जाता है। शिव कल्याणकारी, सत्यम शिवम सुंदरम। बहन वंदना ने बताया कि रविवार को सुखी जीवन के रहस्य विषय पर टिप्स दिए जाएंगे और परिवर्तन उत्सव (आध्यात्मिक दिवाली) मनाई जाएगी।