हरियाणा सरकार द्वारा कॉमन इलीजिबिलीटी टेस्ट में हरियाणा स्टाफ सेलेक्शन कमीशन के रजिस्ट्रेशन पोर्टल में जाति के कॉलम में दलित समाज के लिए डाले गए शब्दों से परेशान वाल्मीकि समाज के युवाओं ने एसडीएम कार्यालय के बाहर पहुंचकर प्रदर्शन किया। इस दौरान एसडीएम की अनुपस्थिति में तहसीलदार के लिपिक को राष्ट्रपति, राज्यपाल व मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग की है।
ज्ञापन में कहा कि पिछले कुछ दिन पहले हरियाणा सरकार द्वारा एक योजना जारी की गई है, जिसके तहत कॉमन इलीजिबिलीटी टेस्ट में हरियाणा स्टाफ सेलेक्शन कमीशन के रजिस्ट्रेशन पोर्टल पर रजिस्टर्ड करवाना होता है। उन्होंने कहा कि इस पोर्टल में जाति/कास्ट के कॉलम में एससी के साथ सब कास्ट में वाल्मीकि व अन्य शब्दों को डाला गया है जोकि जातिसूचक आपत्तिजनक शब्द हैं। उन्होंने कहा कि वाल्मीकि समाज को बार-बार अपमानित करने के लिए ऐसी अभद्र टिप्पणी व शब्दों का इस्तेमाल करके वाल्मीकि समाज की भावनाओं को आहत करने का कार्य किया जा रहा है।
मनोज आदिवासी ने बताया कि हाईकोर्ट ने भी इन शब्दों के इस्तेमाल को गलत करार दिया हुआ है और इन शब्दों का कहीं भी इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। फिर भी इन शब्दों का बार-बार इस्तेमाल करके वाल्मीकि समाज को अपमानित किया जा रहा है। इस कृत्य से समस्त वाल्मीकि समाज की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची है। इससे पूरे वाल्मीकि समाज में आक्रोश है।
उन्होंने कहा कि वे ज्ञापन के माध्यम से अपील करते हैं कि उपरोक्त पोर्टल से इन शब्दों तुरत प्रभाव से हटवाया जाए। इसके लिए जो भी जिम्मेदार है, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए। इस अवसर पर मनोज आदिवासी, जगदीश आनार्य, सुभाष द्रविड, नीरज अटवाल, सागर, साहिल, विकास, आकाश, रमन, संजय, रोकी उपस्थित थे।