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डूबने से हुई थी महेश की मौत, जनस्वास्थ्य विभाग, नप, ठेकेदार के खिलाफ दी शिकायत

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कार्रवाई की मांग को लेकर डीएसपी और तहसीलदार को शिकायत देते पार्षद व एडवोकेट - फोटो : Fatehabad
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शहर के धर्मशाला रोड पर तीन दिन पहले पानी से भरे गड्ढे में गिरने के बाद युवक महेश की हुई मौत मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट आ गई है। रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि महेश की मौत डूबने के कारण ही हुई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद संबंधित विभाग के अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई को लेकर मृतक महेश के पिता, रिश्तेदार, पार्षद और सामाजिक संगठन इकट्ठे हो गए हैं।
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बुधवार सुबह मामले में मृतक के पिता मोहनलाल व उनके रिश्तेदारों के साथ पार्षद, पार्षद प्रतिनिधि, एडवोकेट शहर थाना में पहुंचे। यहां पर सभी ने मिलकर लापरवाही करने वाले जनस्वास्थ्य विभाग सीवरेज विंग, नगर परिषद अधिकारी और ठेकेदार मेहर सिंह के खिलाफ मामला दर्ज करने के लिए डीएसपी दलजीत बैनीवाल, तहसीलदार विजय कुमार को लिखित शिकायत दी। शिकायत में आरोप लगाए कि जनस्वास्थ्य विभाग ने बरसाती पानी निकासी के लिए पाइप लाइन बिछाने के लिए ठेका दिया था। 10 माह में ठेकेदार ने काम पूरा नहीं किया। इसके चलते गड्ढे में गिरने से महेश की मौत हो गई। अधिकारियों की लापरवाही से महेश की जान गई।
शिकायत में ये उठाए सवाल
शिकायत में आरोप है कि नगर परिषद ने 65 लाख रुपये का एस्टीमेट बनाकर डीसी को भेज दिया। डीसी ने संबंधित विभागों से पूछा कि बैठक में प्रस्ताव पास हुआ या नहीं, इसके अलावा जनस्वास्थ्य विभाग का कार्य पूरा हुआ है या नहीं, लेकिन इसको लेकर जवाब नहीं दिया गया है। दोनों विभागों ने मिलकर लापरवाही की है।
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शिकायत को लेकर थाने में उलझे पार्षद और सामाजिक संगठन
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में महेश की मौत का कारण डूबना आने के बाद मृतक के पिता मोहन लाल व रिश्तेदारों के साथ एडवोकेट मनोहर अग्रवाल, सुनील कुमार, सामाजिक संस्था से मोहन लाल नारंग, पार्षद राकेश गंभीर, नेहा मित्तल, नरेश बजाज, प्रतिनिधि प्रमोद डबली आदि पहुंचे। पहले शिकायत में जनस्वास्थ्य विभाग के तीन अधिकारियों, नगर परिषद के चार अधिकारियों और ठेकेदार के नाम से शिकायत दी थी। शिकायत में नगर परिषद के अधिकारियों के नाम को लेकर पार्षदों ने एतराज किया और कहा कि नप ने राशि जनस्वास्थ्य विभाग को दी थी, काम जनस्वास्थ्य विभाग ने करना था। इसलिए नप अधिकारियों का कसूर नहीं है। इसके बाद दोबारा शिकायत तैयार की गई और उसमें से अधिकारियों का नाम हटाया गया।
नप प्रधान ने जनस्वास्थ्य विभाग से वापस मांगी राशि
धर्मशाला रोड पर पाइप लाइन डालने के बावजूद पानी की निकासी न होने पर नप प्रधान दर्शन नागपाल ने जनस्वाथ्य विभाग को पत्र जारी करके जारी की गई 62.75 लाख रुपये की राशि वापस मांगी है। जारी किए गए पत्र में कहा गया है कि नप ने धर्मशाला रोड पर पानी निकासी के लिए 62.75 लाख रुपये दिए थे, लेकिन जनस्वास्थ्य विभाग ने सीवरेज पाइप लाइन डाल दी है इसलिए नगर परिषद को राशि लौटाई जाए।
जनस्वास्थ्य विभाग ने नप को दिया जवाब
नगर परिषद ने पत्र जारी करके जनस्वास्थ्य विभाग से जवाब मांगा था। बुधवार को जनस्वास्थ्य विभाग ने अपने जवाब में कहा है कि पाइप लाइन डालने का काम और कनेक्शन का काम पूरा हो गया है और नप इस पर सड़क बना सकता है। जबकि हालात ये है कि अभी तक कनेक्शन नहीं हुआ है और पानी निकासी भी नहीं है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आया है कि महेश की मौत डूबने से हुई थी। मामले में जनस्वास्थ्य विभाग, नगर परिषद और ठेकेदार के खिलाफ शिकायत आई है। मामले में दस्तावेज जुटाने के बाद आगे की कार्रवाई होगी।
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- यादविंद्र सिंह, शहर थाना प्रभारी
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