फतेहाबाद के पुराना बस स्टैंड पर बस के इंतजार में खड़े यात्री। संवाद
फतेहाबाद। गांव ढाणी बिंजा लांबा में रोडवेज चालक और परिचालक के साथ मारपीट की घटना मामले में आरोपियाें की गिरफ्तारी के बाद छह दिनों से बंद पड़ी रोडवेज बस सेवा वीरवार देर शाम फिर शुरू हो गई। चार गांवों के सरपंचों ने आश्वासन दिया कि भविष्य में रोडवेज कर्मचारियों के साथ ऐसी कोई घटना नहीं होगी। इसके बाद रोडवेज कर्मचारी यूनियन ने बस संचालन बहाल करने पर सहमति जताई।
बस सेवा शुरू होने से रूट से जुड़े सात गांवों के लोगों को हो रही परेशानी दूर होगी। 6 जून को निर्धारित रूट पर चल रही रोडवेज बस के चालक और परिचालक के साथ गांव ढाणी बिंजा लांबा में मारपीट हुई थी। घटना के बाद कर्मचारियों में रोष फैल गया और सुरक्षा के मद्देनजर संबंधित रूट पर बस का संचालन रोक दिया गया।
यूनियन का कहना था कि सुरक्षित माहौल मिलने तक वे इस मार्ग पर ड्यूटी नहीं करेंगे। बस सेवा ठप होने से आसपास के सात गांवों के सैंकड़ों लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही थी। सबसे अधिक परेशानी विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों और रोजमर्रा के कामकाज के लिए शहर आने-जाने वाले ग्रामीणों को उठानी पड़ी। जिस कारण लोगों को निजी वाहनों या अन्य साधनों का सहारा लेना पड़ा।
रोडवेज कर्मचारी यूनियन प्रधान विजय नागपुर ने बताया कि वीरवार शाम को 6 बजकर 10 मिनट पर बस चलाई जाएगी। सरपंचों के आश्वासन के बाद यूनियन की ओर से बस चलाने का निर्णय लिया गया है।
सरपंचों के आश्वासन के बाद चलाई गई बस
गांव दादूपुर रूट पर करीब 7 गांव आते है, गांव अयाल्की, गांव ढाणी बिंजा लाम्बा, जांडवाला सोत्तर, फूलां, तामसपुरा, हड़ौली और दादुपुर गांव आते है। वीरवार को इन 7 गांवों में से 4 गांवों के सरपंचों ने रोडवेज यूनियन के पदाधिकारियों व कर्मचारियों को आश्वासन दिया है कि भविष्य में रोडवेज के किसी भी कर्मचारी के साथ ऐसी घटना नहीं होगी। जिसके बाद रोडवेज यूनियन ने बस चलाने को लेकर सहमति जताई है। उल्लेखनीय है कि पुलिस की ओर से कर्मचारियों के साथ मारपीट करने के मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।