फतेहाबाद के हांसपुर रोड से ऑटो के पायदान पर सफर करते हुए यात्री।
फतेहाबाद। जिले के शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ गांव व कस्बे में रोजाना सैकड़ों यात्री जान जोखिम में डालकर सफर कर रहे हैं। फतेहाबाद के साथ लगते गांव टाहली वाली ढाणी, ढाणी बीकानेरी और मताना आदि गांवों से रोजाना 500 के करीब विद्यार्थी व ग्रामीण जिला मुख्यालय पहुंचते हैं।
इन गांवों में रोडवेज बसों के फेरे नहीं हैं। इससे इन गांवों के यात्रियों और विद्यार्थियों को मजबूरी में ऑटो से सफर पूरा करना होता है। वहीं ऑटो चालक क्षमता से अधिक सवारियां बैठाकर सफर कर रहे हैं। ओवरलोड ऑटो से हर समय हादसा होने की आशंका बनी रहती है। विद्यार्थियों ने बताया कि उनके गांवों में रोडवेज बस की सेवा नहीं हैं। इसके कारण हर रोज समय पर घर पहुंचने व कॉलेज आने के लिए जो भी वाहन मिलता है उससे ही सफर करना पड़ता है।
गांव टाहली वाली, ढाणी, मताना और कुकड़ावाली गांव से आने वाले छात्र रोहित, मोनिका, अभिलाषा, खुशी, कोमल और संजय आदि छात्र- छात्राओं ने बताया प्रशासन की ओर शहर के नजदीक लगते इन गांवों के लिए बसों की सेवा नहीं है। इससे ऑटो व अन्य साधन नहीं होने से लोगों को मजबूरी में जान जोखिम में डालकर यात्रा करनी पड़ रही है।
:: ओवरलोड वाहनों के प्रति सख्ती बरती जा रही है। ऐसे में क्षमता से अधिक सवारी बैठाने वाले वाहन चालकों के चालान किए जा रहे हैं। ऐसे में यात्रियों से भी अपील है कि वे जोखिम भरी यात्रा न करें।
-सुरेंद्र शर्मा, इंस्पेक्टर, आरटीए विभाग, फतेहाबाद।