पराली प्रबंधन को लेकर किसनों को जागरूक करने फील्ड में निकले एसडीएम अशोक शर्मा। स्रोत सूचना विभा
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फतेहाबाद। पराली जलाने के बढ़ते मामलों के बाद जिला प्रशासन ने सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। बुधवार को जिला प्रशासन की विभिन्न टीमें लगातार फील्ड में एक्टिव रही। जिले में पिछले कई दिनों से फसल अवशेष जलाने के मामलों में तेजी है।
पिछले तीन दिनों में 31 स्थानों पर फसल अवशेष जलाएं गए हैं। इस बार फसल अवशेष जलाने पर हरसेक की ओर से 72 लोकेशन भेजी गई है। जिसके तहत 34 किसानों पर एक लाख 50 हजार रुपये का जुर्माना और एफआईआर दर्ज की गई है। पराली में आग लगाने की घटनाओं में बढ़ोतरी के चलते जिले के एक्यूआई में भी बढ़ोतरी देखी गई है और जिले की हवा लगातार खराब हो रही है।
बुधवार को फतेहाबाद जिले में एक्यूआई 439 दर्ज किया गया जो पिछले एक सप्ताह में सबसे अधिक था। इसके चलते रतिया और टोहाना के एसडीएम भी बुधवार को खेतों में पहुंचे और किसानों से सीधा संवाद किया। फसल अवशेष को जलने से रोकने को लेकर बुधवार को एसडीएम आकाश शर्मा ने गांव समैण, ललौदा, ठरवा, चंदकला, इंदाछोई, करंडी और कुलां का दौरा कर पराली प्रबंधन की स्थिति का जायजा लिया।
उन्होंने मौके पर किसानों से बातचीत करते हुए कहा कि फसल अवशेष जलाना न केवल भूमि की उर्वरता को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि वायु प्रदूषण बढ़ाने में भी बड़ी भूमिका निभाता है। इसलिए प्रत्येक किसान की जिम्मेदारी बनती है कि वह पराली प्रबंधन के आधुनिक तरीकों को अपनाए और खेतों में आग लगाने से परहेज करें।