फतेहाबाद। जिले में धान की कटाई का काम 10 फीसदी की शेष है। जिसके चलते जिले में लगातार फसल अवशेष जलने के मामले सामने आ रहे हैं। हालांकि राहत के बात यह है कि पिछली बार के मुकाबले अबकी बार फसल अवशेष में आग लगाने के मामले में कम सामने आए हैं। जिस कारण जिले का एक्यूआई घट-बढ़ रहा है। शुक्रवार को जिले का एक्यूआई (एयर क्वालिटी इंडेक्स) 231 रहा है।
फसल अवशेष जलाने से रोकने के लिए कृषि विभाग की ओर से तमाम कोशिश जा रही है। हरसेक द्वारा शुक्रवार को जिले के गांव बीराबदी और थेहड़ में फसल अवशेष जलाने की लोकेशन कृषि विभाग को दी गई। जिसकी शिकायत कृषि विभाग ने पुलिस को दी है। जिस पर शनिवार को जांच के बाद एफआईआर दर्ज होगी। जिले में अभी तक फसल अवशेष जलाने की 123 लोकेशन मिली हैं। जिसमें 65 किसानों पर रेड एंट्री और 60 एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। वहीं शुक्रवार को जिले का एक्यूआई 231 दर्ज किया गया है। बढ़े वायु प्रदूषण के कारण लोगों ने आंखों में जलन और सांस लेने में परेशानी महसूस की।
पिछले साल की तुलना में कम जले फसल अवशेष
जिले में सरकार द्वारा पराली प्रबंधन के प्रति किसानों को जागरूक किया। जिसके कारण फसल अवशेष जलने के मामलों में कमी दर्ज हुई है। ऐसे में पिछले साल की तुलना में 78 फीसदी कम फसल अवशेष जले हैं। वहीं पिछले साल जिले में 22 अक्तूबर तक कुल 560 स्थानों पर फसल अवशेष जलाएं गए थे। वहीं इस बार यह आंकड़ा मात्र 123 तक दर्ज हुआ है।
:: प्रदेश सरकार द्वारा पराली प्रबंधन के प्रति जागरूकता अभियान से इस बार फसल अवशेष जलने के मामलों में कमी दर्ज की गई है। वहीं पराली प्रबंधन करने वाले किसानों के आवेदनों में बढ़ोतरी हो रही है।
-डॉ. राजेश सिहाग, उपनिदेशक, कृषि एवं कल्याण विभाग, फतेहाबाद।